ऑपरेशन ब्लू स्टार की 39 वीं वर्षगांठ ,स्वर्ण मंदिर में लगे खालिस्तान के नारे

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न्यूज़ डेस्क

आज अमृतसर का तापमान कुछ ज्यादा ही गर्म है। स्वर्णमंदिर में आज सुबह से ही बड़ी संख्या में कट्टरपंथी जमा होने लगे। उनके हाथों में खालिस्तान जिंदाबाद के तख्तियां थी तो कइयों के हाथों में जरनैल भिंडरावाले की तस्वीर। बड़ी संख्या में जमा लोग खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए और हथियारों का प्रदर्शन भी किया। यह मौका था ऑपरेशन ब्लू स्टार की 39 वीं वर्षगाँठ की। सिख कट्टरपंथी समूह दल खालसा ने वर्षगांठ मनाने और खालिस्तान के समर्थन में शहर में एक रैली का आयोजन किया। अमृतसर बंद का आह्वान करने वाले कट्टरपंथी संगठन के साथ पंजाब भर में कड़ी सुरक्षा देखी गई है। इधर अकाल तख्त ने एसजीपीसी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि ऑपरेशन ब्लूस्टार की वर्षगांठ के दौरान स्वर्ण मंदिर की पवित्रता भंग न हो।
इधर अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के निजी सहायक जसपाल सिंह ने एसजीपीसी के सचिव को लिखा है कि स्वर्ण मंदिर की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह के हस्ताक्षर से पारित प्रस्ताव को अकाल तख्त के निर्देशानुसार पूरी तरह लागू किया जाए।
मालूम हो कि ऑपरेशन ब्लू स्टार अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे जरनैल सिंह भिंडरावाले के नेतृत्व वाले उग्रवादियों को बाहर निकालने के लिए दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर एक सैन्य कार्रवाई थी। ऑपरेशन ब्लू स्टार 1 और 6 जून, 1984 के बीच किया गया था। इसमें 493 लोगों की जान चली गई थी, धर्मस्थल और परिसर क्षतिग्रस्त हो गया था।
दूसरी ओर आप सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने ऑपरेशन ब्लू स्टार’ से जुड़े सभी सरकारी दस्तावेजों को सार्वजनिक किए जाने की मांग की है। आप सांसद ने प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे मैसेज में साहनी ने उनसे आग्रह किया कि फाइलों को सुलभ बनाया जाना चाहिए। ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ को हजारों लोगों की नृशंस हत्या और हरमंदिर साहिब और सिख धर्म के सर्वोच्च स्थान अकाल तख्त साहिब में पवित्र गर्भगृह पर तोड़फोड़ के साथ मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन बताते हुए साहनी ने एक बयान में कहा कि संग्रहालय और स्वर्ण मंदिर के तोशाखाना को नष्ट किए जाने से हमारे वंश और इतिहास से संबंधित बहुमूल्य ग्रंथों और अभिलेखों का नुकसान हुआ है।
साहनी ने कहा कि इस जघन्य अपराध के लिए केवल सच्चाई जानना ही न्याय होगा, जिसके लिए यह जरूरी है कि सभी संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाए। साहनी ने ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के बारे में विवरण जारी करने की संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि हम यह नहीं भूल सकते कि 39 साल बीत चुके हैं और जो कुछ हुआ उसे भूलना असंभव है, हालांकि, दस्तावेजों के अनावरण के साथ सच्चाई इस बात की बेहतर समझ पैदा करेगी कि इस सैन्य अभियान के लिए क्या साजिश रची गई थी।
ऑपरेशन ब्लूस्टार की बरसी को ध्यान में रखते हुए, पंजाब पुलिस ने राज्य भर में सुरक्षा कड़ी कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस टीमें सभी 28 पुलिस जिलों में जनता के बीच विश्वास जगाने के उपाय के रूप में संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च कर रही हैं।

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