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राहुल गांधी के वायनाड छोड़ने पर प्रियंका कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में कर सकती है डेब्यू

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2019 ईस्वी की लोकसभा चुनाव के समय से ही राहुल गांधी दो- दो सीटों से चुनाव लड़ते रहे हैं। 2919 ईस्वी में वे केरल के वायनाड और यूपी के अमेठी से चुनाव लड़े थे। तब वे सिर्फ वायनाड से चुनाव जीते थे।लोकसभा चुनाव 2024 में उन्होंने केरल के वायानाड और उत्तर प्रदेश की रायबरेली दोनों जगह से नामांकन का पर्चा भरा था और दोनों ही जगह पर उन्हें जीत मिली। ऐसे में उन्हें अब एक सीट से इस्तीफा देना होगा, क्योंकि संविधान के नियमों के अनुसार एक साथ वे दोनों ही सीटों से सांसद नहीं रह सकते हैं। राहुल गांधी किस सीट से इस्तीफा देंगे,इसे लेकर अभी अटकल ही लगाई जा रही है, साथ ही प्रियंका गांधी वाड्रा के संसदीय पारी शुरुआत करने को लेकर भी कयाशों का बाजार गर्म है।अलबत्ता राहुल गांधी और अन्य प्रमुख कांग्रेस नेताओं के भाषणों के आधार पर प्रियंका गांधी के वायनाड से चुनावी डेब्यु करने का अंदाजा लगाया जा रहा है।

राहुल गांधी दे रहे प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने का संकेत

मीडिया सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस प्रकार की खबरें आ रही है कि राहुल गांधी अगर वायनाड सीट से अपना इस्तीफा देते हैं, तो प्रियंका गांधी वाड्रा को कांग्रेस वहां से अपना उम्मीदवार बना सकती है।राहुल गांधी ने बीते मंगलवार को यह कहकर प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनाव लड़ने की संभावना वाली बात को हवा दे दी थी कि अगर उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा वाराणसी से चुनाव लड़ रही होती तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो- तीन लाख वोटो से चुनाव हार जाते।

2019 से ही प्रियंका गांधी चुनाव लड़ने को लेकर चर्चा में है

गौरतलब गई कि प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की चर्चा 2019 के लोकसभा चुनाव से ही हो रही है।उस समय भी इस प्रकार की अटकलें लगाई गई थी कि प्रियंका गांधी वाड्रा वाराणसी सीट से पीएम मोदी को चुनौती दे सकती हैं। इसके बाद 2022 के उत्तर चुनाव में भी उनके चुनाव लड़ने को लेकर अटकलें लगाई गई। उसे चुनाव में तो चर्चा उनके उनके मुख्यमंत्री बनने तक की हो गई थी,लेकिन तब भी उन्होंने कहीं से भी चुनाव नहीं लड़ा ,और कांग्रेस भी खस्ताहाल हो गई तो उनके सीएम बनाने की चर्चा स्वतः समाप्त हो गई।फिर 2024 ईस्वी में जब सोनिया गांधी ने रायबरेली सीट छोड़ दी थी और रायबरेली से अपने किसी परिजन और गांधी परिवार के लोगों के ही उम्मीदवार बनाने की बात रायबरेली की जनता से एक पत्र के माध्यम से की थी, तब एक बार फिर जोरों से राहुल गांधी के अमेठी से और प्रियंका गांधी के रायबरेली से चुनाव लड़ने की चर्चा होने लगी।लेकिन जब नामांकन करने का समय आया तो राहुल गांधी ने तो अमेठी की जगह रायबरेली से अपना नामांकन का पर्चा भरा लेकिन प्रियंका गांधी ने कहीं से भी चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया। अमेठी में कांग्रेस ने गांधी परिवार के एक निकट सहयोगी किशोरी लाल शर्मा को टिकट दिया था।तब प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश और मुख्य रूप से रायबरेली और अमेठी में जमकर चुनाव प्रचार किया इसके परिणाम स्वरूप राहुल गांधी ने दोनों ही सीटों पर जीत दर्ज की और लोकसभा के नतीजे में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन ने उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में स्थित 43 सिम जीत ली।

राहुल गांधी की दुविधा

कांग्रेस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी वायनाड से उपचुनाव में तभी लड़ पाएंगी, जबकि राहुल गांधी वायनाड की सीट को छोड़कर रायबरेली से सांसद बने रहेंगे। दरअसल राहुल गांधी इस बात को लेकर अभी दुविधा में है कि वह रायबरेली की सीट छोड़ें या वायानाड की। दरअसल 2019 में उन्हें वायानाड से मिली जीत ही संसद में पहुंच सका था ,क्योंकि तब अमेठी की सीट पर वे स्मृति ईरानी से चुनाव हार गए थे। राहुल गांधी ने बुधवार को कहा था कि वह सीट छोड़ने को लेकर दुविधा में है और अभी फैसला नहीं कर पाए हैं कि दोनों में से कौन सी सीट से इस्तीफा दूं ।उन्होंने केवल इतना कहा कि उनके इस्तीफा देने के बावजूद दोनों ही निर्वाचन क्षेत्र के लोग खुश होंगे। हालांकि सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह बात लगभग तय हो चुकी है कि राष्ट्रीय राजनीति में उत्तर प्रदेश के महत्व को देखते हुए राहुल गांधी रायबरेली सीट से सांसद बने रहेंगे।

केरल कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी के वायनाड छोड़ने का दे रहे संकेत

राहुल गांधी के दुविधा के बीच एक तरफ जहां अमेठी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को करारी मात देने वाले गांधी परिवार के अहम सहयोगी किशोरी लाल शर्मा ने राहुल गांधी से रायबरेली सीट बरकरार रखने का आग्रह किया है, तो वहीं दूसरी तरफ केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के सुधाकरन ने संकेत दिया है कि राहुल गांधी वायनाड लोकसभा सीट छोड़ सकते हैं।उन्होंने कहा कि हमें दुखी नहीं होना चाहिए, क्योंकि देश का नेतृत्व करने वाले राहुल गांधी से वायनाड में रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। सभी को यह समझना चाहिए और उन्हें अपनी शुभकामनाएं और समर्थन देना चाहिए। ऐसी स्थिति में यह अंदेशा प्रबल होने लगा है कि जब राहुल गांधी वायनाड सीट खाली करेंगे तो प्रियंका गांधी यहां से कांग्रेस की उम्मीदवार होगी।

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