भगवान राम ने’ लोकसभा चुनाव में अहंकारी भक्त और विरोधी दोनो को सिखाया सबक

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देश में इस बार लोकसभा चुनाव का परिणाम बड़ा अनोखा रहा। 240 सीट जीतकर खुद की सरकार बनाने से दूर रही भारतीय जनता पार्टी को एनडीए के में पार्टियों के भरोसे सरकार बनाना पड़ा तो वही अब तक की सबसे बड़ी जीत 234 सीट हासिल कर भी विपक्षी इंडिया गठबंधन सरकार बनाने से दूर रही।इस बीच चुनाव परिणाम को लेकर अयोध्या का मामला पूरी तरह से छाया रहा। चुनाव पूर्व प्रचार से लेकर चुनाव की समाप्ति के बाद मतगणना तक बीजेपी अयोध्या में रामलला के मंदिर स्थापित करने को लेकर एक बड़ी जीत की उम्मीद लगाए बैठी रही,तो वही दूसरी तरफ चुनाव परिणाम आने के बाद बीजेपी को अयोध्या और उसके निकटवर्ती क्षेत्रों में मिली पराजय से विपक्षी राजनीतिक दलों की बीजेपी प्रहार करने का हथियार मिल गया।विपक्षी गठबंधन ने इस हथियार से बीजेपी पर ताबड़तोड़ प्रहार करना भी शुरू कर दिया।इसका कहना है कि प्रभु श्री राम ने अब बीजेपी के ढोंग से तंग आकर बीजेपी को छोड़ दिया है।इस बीच आरएसएस के तरफ से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया आई है जिसमें इसने राम भक्त के अहंकारी होने और विपक्ष के राम विरोधी होने को लेकर भगवान राम के द्वारा दोनों को सबक सिखाने की बात कही है।

अहंकार के कारण भगवान राम ने बीजेपी को सरकार बनाने से रोका

इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से ताजा बयान इंद्रेश कुमार का आया है।उन्होंने इशारों-इशारों में बीजेपी पर कटाक्ष किया है।उन्होंने कहा है कि जो पार्टी राम की पूजा करती थी, वह अहंकारी हो गई थी। ऐसे में वह 2024 के लोकसभा चुनाव में 240 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तो जरूर, लेकिन अकेले जो पूर्ण बहुमत उसे आता था,इस बार वह उसे नहीं प्राप्त कर सका ।उसे भगवान राम ने अहंकार की वजह से खुद की बहुमत वाली सरकार बनाने से रोक दिया।

प्रभु श्री राम ने राम विरोधियों को भी सिखाया सबक

आरएसएस के नेता इंद्रेश कुमार ने अयोध्या में रामलाला विग्रह की स्थापना में नहीं जाकर राम विरोध करने वाली पार्टी पर भी तंज कसा।उन्होंने कहा कि जो लोग राम का विरोध करते थे, उनमें से किसी को भी इस लोकसभा चुनाव में सत्ता प्राप्त नहीं हुई है, यहां तक कि सभी को मिलाकर भी उसे दूसरे नंबर पर खड़ा रहने के लिए मजबूर कर दिया।

भगवान राम का न्याय बडा सत्य और बड़ा आनंददायक

इंद्रेश कुमार कुमार ने किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना कहा कि लोकतंत्र में रामराज्य का ‘विधान’ देखने लायक है।भगवान राम का न्याय बडा सत्य और बड़ा आनंददायक है।उन्होंने स्पष्ट रूप से सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन दोनों पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्होंने राम की भक्ति की,वे धीरे-धीरे अहंकारी हो गए।अहंकार की वजह से भगवान राम ने उसे सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने का मौका तो दिया लेकिन उसे अकेले पूर्ण बहुमत की सरकार न बनाने दिया,बल्कि अहंकार दूर करने का मौका देते हुए उसे एनडीए के तहत एक दवाब में रहने वाली सरकार बनाने का मौका दिया।वहीं विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि जिनकी राम में आस्था नहीं थी, उन सबको मिलकर भगवान ने 234 पर ही रोककर सरकार बनाने से दूर रखकर सबक सीखा दिया।

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