- बीरेंद्र कुमार झा
झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम को फोन कर टेंडर मैनेज करवाने वालों की सूची में कुछ आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं। वीरेंद्र राम से जारी पूछताछ के दौरान प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को इस बात की जानकारी मिली है। वीरेंद्र राम को रिमांड पर लेने के बाद रविवार को भी उनसे पूछताछ हुई। इनके कॉल रिकॉर्ड की जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि टेंडर मैनेज करने के लिए उन्हें नेताओं के अलावा अफसर भी फोन किया करते थे। ईडी ने अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों की पहचान की है, जिन्होंने टेंडर मैनेज करने के लिए बीरेंद्र राम को फोन किया था। इन नेताओं और बड़े अधिकारियों द्वारा किसी खास ठेकेदार या व्यक्ति को ठेका देने के लिए फोन किया जाता था।
टेंडर मैनेजमेंट की प्रक्रिया
नेताओं और अधिकारियों के फोन आने के बाद चहेतों के पक्ष में टेंडर मैनेज करने के लिए एक खास प्रक्रिया अपनाई जाती थी, ताकि नियमों और कानून को आसानी से धता बताया जा सके। नेताओं और अधिकारियों के फोन आने के बाद सबसे पहले विभाग के ठेकेदारों को बुलाया जाता था। इसके बाद उन्हें निर्देश दिया जाता था कि संबंधित योजना किसी को देने का निर्देश मिला है। अतः वे इस टेंडर में सहयोग करें और ज्यादा रेट कोट करते हुए अपना वित्तीय बीड डालें। वीरेंद्र राम ने पूछताछ के दौरान टेंडर मैनेज करने के तरीकों की भी जानकारी दी। इस प्रक्रिया के तहत कुछ लोगों को ऑनलाइन टेंडर डालने के बाद ऑफलाइन कॉपी डालने से रोक दिया जाता था। इससे किसी खास व्यक्ति को ही किसी खास योजना का काम देना संभव हो पाता था । ईडी ने पूछताछ के दौरान वीरेंद्र राम को फोन करने वालों की रिकॉर्डिंग सुनाए। आवाज सुनने के बाद वीरेंद्र राम ने जिन लोगों की पहचान की है, उनमें कुछ आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं। हालांकि ईडी सूत्रों ने फोन करने वालों का नाम सार्वजनिक करने से इनकार किया है।

