हर विपक्षी दल कुर्बानी देने को तैयार, नीतीश कुमार की पहल पर बीजेपी को हराने की बनी रणनीति

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बीरेंद्र कुमार झा

पटना में गैर बीजेपी दलों की बड़ी बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई।इस बैठक में हिस्सा लेने 15 विपक्षी दलों के शीर्ष नेता पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। सभी नेताओं ने एक स्वर में बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने और संघर्ष करने का ऐलान किया। यह बैठक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बैठक के बाद इस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बीजेपी को हराने के लिए विपक्षी दल किस तरह तैयारी में जुट आएंगे।

पटना में विपक्षी दलों की बैठक में बनी राय

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सभी दलों की यह राय बनी है कि अभी जो भी पार्टी सत्ता में है, वह देश हित में काम नहीं कर रही है। पूरे इतिहास को बदले जाने की तैयारी है। आजादी की लड़ाई को भुलावा करार देने की कोशिश की जा रही है। हम सबने एकमत होकर यह तय किया है कि हमारे समक्ष कोई भी चुनौती आएगी तो उसका मिलकर सामना करेंगे। कुछ ही दिनों के बाद एक और बैठक होगी, जिसमें आगे की योजना पर सहमति बनेगी।

वोटों के बिखराव को रोकने की है जरूरत

गौरतलब है कि नीतीश कुमार और लालू यादव समेत सभी विपक्षी दलों के नेताओं ने यह माना है कि वह वोटों के बिखराव से बीजेपी को फायदा होता है। एक लोकसभा सीट पर बीजेपी के खिलाफ कई विपक्षी दलों के उम्मीदवार उतार दिए जाते हैं जिसका फायदा बीजेपी को मिलता है। वोटों के किसी भी बिखराव को रोकने की पूरी तैयारी में नीतीश कुमार विपक्षी दलों के नेताओं के साथ लगे हुए हैं।आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी अपने संबोधन में वोटों के इसी बिखराव को रोकने की बात कही थी।

विपक्षी नेताओं की राय

आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि हमें एकजुट होकर लड़ना है।वोट हमारा है और इसमें बिखराव होने से बीजेपी चुनाव जीत रही है।उन्होंने एकजुट होकर लड़ने और बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने की बात कही।शरद पवार और ममता बनर्जी समेत अधिकतर विपक्षी दलों के नेताओं ने भी ऐसी ही बातें कहीं हैं।

क्या है वोटों का समीकरण

पटना में मुख्यमंत्री आवास में जिन 15 विपक्षी दलों के नेतागण बैठक में जुटे थे ,उनकी सरकार 11 राज्यों में है ।2019 के लोकसभा चुनाव में इन पार्टियों के 142 सांसद जीते थे, यानी लोकसभा सदस्यों के करीब 26 फ़ीसदी सांसद इन पार्टियों से हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पास करीब 12 करोड़ वोट आए थे।सभी दलों के वोटों को मिलाकर एक किया जाए तो इनकी एक मजबूत स्थिति बनती है।बीजेपी ने करीब 23 करोड़ वोट हासिल करके 330 सीटें जीती थी।

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