कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में पार्टी की एक आंतरिक बैठक में बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक और पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते दामों जैसे मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और कहा कि मोदी ने देश को मरवा दिया । अपने इस बयान को लेकर राहुल गांधी ने कई कारण बताए जिसके प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
महंगाई और बेरोजगारी: राहुल गांधी ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ाकर, सीबीएससी पेपर लीक और लगातार बढ़ती महंगाई ने देश के युवाओं और किसानों की कमर तोड़ दी है।
सीधा आरोप: उन्होंने इन सभी समस्याओं के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और निर्णयों को जिम्मेदार ठहराया।
कांग्रेस इन मुद्दों को आधार बनाकर केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रही है।इस बयान के बाद देश की राजनीति में एक बड़ा विवाद छिड़ गया है।
राहुल गांधी के “मोदी ने देश को मरवा दिया” वाले बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे हताशा, नकारात्मकता और देश के 140 करोड़ नागरिकों का अपमान करार दिया है।
बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी लगातार अपनी राजनीतिक कुंठा निकाल रहे हैं और उन्हें इस तरह के गैर-संसदीय बयानों के लिए पूरे देश से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।
बीजेपी का कहना है कि विपक्ष लगातार भारत को अस्थिर करने की साजिश कर रहा है और ऐसे बयान विदेशी ताकतों और ‘टूलकिट’ के इशारों पर दिए जाते हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित अन्य बीजेपी नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के उत्थान के लिए रिकॉर्ड स्तर पर योजनाएं (जैसे उज्ज्वला, जनधन, मुद्रा योजना) चलाई हैं, जो राहुल गांधी को दिखाई नहीं देतीं।इस विवाद ने देश की राजनीति में एक बार फिर पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को तेज कर दिया है।

