पटना: बिहार में औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक और बड़ी पहल की शुरुआत होने जा रही है। राज्य सरकार ने पश्चिम चंपारण जिले के कुमारबाग औद्योगिक क्षेत्र में अत्याधुनिक कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 120.74 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
उद्योग विभाग के अनुसार, M/s Bharat GPS Bioenergy Pvt. Ltd. द्वारा यह परियोजना विकसित की जाएगी। इसके लिए बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की परियोजना समाशोधन समिति (PCC) ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। समिति की बैठक उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा एवं आएडा के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
15 एकड़ भूमि पर बनेगा आधुनिक प्लांट
प्रस्तावित CBG प्लांट को कुमारबाग औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 15 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। यह इकाई कृषि अवशेषों और अन्य जैविक अपशिष्टों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग कर स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन करेगी।
370 लोगों को मिलेगा रोजगार
परियोजना के शुरू होने के बाद क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। अनुमान है कि इस निवेश से लगभग 370 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। इससे स्थानीय युवाओं को नौकरी और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिलेंगे।
इसके अलावा किसानों को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। कृषि अवशेषों के बेहतर उपयोग से किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने का रास्ता खुलेगा, जबकि खेतों में पराली और जैविक कचरे के प्रबंधन की समस्या भी कम होगी।
बिहार को ग्रीन इंडस्ट्री हब बनाने की तैयारी
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार सरकार हरित ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि CBG जैसी परियोजनाएं राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन के नए अवसर पैदा करेंगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार हरित औद्योगिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।
निवेशकों के लिए बेहतर माहौल बना रहा बिहार
उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा एवं आएडा के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार ने कहा कि राज्य में निवेशकों को बेहतर आधारभूत संरचना, पारदर्शी प्रक्रियाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ता निवेश बिहार की औद्योगिक प्रगति को नई दिशा देगा और साथ ही पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान करेगा।
ऊर्जा, पर्यावरण और रोजगार का मिलेगा ट्रिपल फायदा
यह परियोजना बिहार के लिए केवल एक औद्योगिक निवेश नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार का एक मजबूत मॉडल बन सकती है। सरकार को उम्मीद है कि इस तरह की परियोजनाओं से राज्य में निवेश का माहौल और मजबूत होगा तथा बिहार हरित ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ेगा।

