Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की पहल पर रामनगर में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) का उद्घाटन 13 अप्रैल 2026 को सुबह 11:30 बजे किया जाएगा। यह केंद्र क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना के अंतर्गत कार्य करेगा और इसका उद्घाटन स्थानीय सांसद की उपस्थिति में किया जाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ विदेश मंत्रालय, पासपोर्ट कार्यालय और डाक विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
दूरदराज के लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
इस नए POPSK का मुख्य उद्देश्य वाल्मीकि नगर लोकसभा क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण एवं दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों को पासपोर्ट सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराना है। अब लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
एक ही जगह मिलेंगी सभी पासपोर्ट सेवाएं
रामनगर स्थित यह केंद्र बिहार का 38वां और देश का 454वां POPSK होगा। यहां नागरिकों को नए पासपोर्ट आवेदन, नवीनीकरण और पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC) जैसी सुविधाएं मिलेंगी। आवेदकों को केवल एक बार अपने दस्तावेजों के साथ केंद्र पर आना होगा, जहां बायोमेट्रिक और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस रिपोर्ट साफ होने के बाद लगभग 5 दिनों में पासपोर्ट स्पीड पोस्ट से घर पहुंच जाएगा।
पश्चिम चंपारण में तेजी से बढ़ रही पासपोर्ट की मांग
पिछले दो वर्षों में पश्चिम चंपारण जिले में पासपोर्ट आवेदनों में तेजी से वृद्धि हुई है। वर्ष 2024 में जहां 21,701 आवेदन आए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 26,730 हो गई।
महिला और पुरुष दोनों वर्गों में आवेदनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है, जो क्षेत्र में बढ़ती जागरूकता और विदेश यात्रा की इच्छा को दर्शाती है।
मोबाइल कैंप और नई पहल से बढ़ी पहुंच
विदेश मंत्रालय द्वारा पासपोर्ट सेवाओं को और सुलभ बनाने के लिए मोबाइल वैन कैंप भी चलाए जा रहे हैं। पश्चिम चंपारण के बगहा सहित राज्य में 2024 से अब तक 17 ऐसे कैंप लगाए जा चुके हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बड़ी सुविधा मिली है।
बिहार में पासपोर्ट नेटवर्क को मिलेगा मजबूती
रामनगर में POPSK खुलने के साथ ही बिहार के सभी 40 लोकसभा क्षेत्रों में पासपोर्ट सेवा नेटवर्क सक्रिय हो जाएगा। यह पहल सरकार के “लास्ट माइल सर्विस डिलीवरी” और नागरिक-केंद्रित प्रशासन के लक्ष्य को मजबूत करेगी।

