पसमांदा की फिक्र और यूसीसी का जिक्र कर प्रधानमंत्री मोदी ने दिया बड़ा संकेत

0
230

बीरेंद्र कुमार झा

2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी का सबसे बड़ा मुद्दा क्या होगा इसे तो बीजेपी के बड़े नेता ही जानते होंगे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस प्रकार अपने भाषणों से अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं और उसमें पसमांदा मुसलमानों की फिक्र और समान नागरिक संहिता का जिक्र कर रहे हैं, उससे लगता है कि 2024 ईस्वी के चुनाव में यह मुद्दा भी बीजेपी के बड़े मुद्दों में से एक मुद्दा जरूर होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भोपाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा की देश में कुछ दल मुसलमान – मुसलमान की रट लगाए रहते हैं ,लेकिन उनके ही द्वारा पसमांदा वर्ग का शोषण हुआ है।प्रधानमंत्री ने कहा कि आप हमारे मुसलमान भाई बहन की तरफ देखोगे तो लगेगा कि पसमांदा मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति के शिकार हुए हैं। उनका जीना मुश्किल कर के रखा गया है।वे कष्ट में गुजारा करते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पसमांदा मुसलमानों की आवाज सुनने के लिए कोई तैयार नहीं है। उनके ही धर्म के एक वर्ग ने पसमांदा मुसलमानों का भरपूर शोषण किया है।उन्हें बराबरी का हक नहीं मिलता है ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पसमांदा मुसलमानों को तो नीचा और अछूत समझा जाता है।फिर एक ही सांस में प्रधानमंत्री ने पसमांदा मुसलमानों की मोची,लाल बेगी ,भटियारा मेरा,शेफाली, मुकेरी, मदारी,जुलाहा,लंबाई, बेजा,,बमनिया लहरी,हलदर,सिकदर जैसी न जाने कितनी जातियां एक ही सांस में सुना दी।उन्होंने कहा कि इन्हें भेदभाव का शिकार बनाया गया,जिसका नुकसान इनकी कई पीढ़ियों को भुगतना पड़ा ।लेकिन बीजेपी हर नागरिक के लिए सबका साथ और सबका विकास की भावना से काम कर रही है।

पसमांदा मुसलमानों को हमने हक दिया, दूर करेंगे सारे भ्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने सभी के साथ पसमांदा मुसलमानों को भी स्वास्थ सुविधा का हक दिया है और पीएम आवास योजना के तहत उनको भी पक्का घर मिल रहा है।बीजेपी के कार्यकर्ता जब मुसलमान भाई बहनों के बीच इन तथ्यों के साथ जाएंगे तो उनका भ्रम दूर हो जाएगा।यही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर समान नागरिक संहिता और तीन तलाक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आजकल हम देख रहे हैं कि समान नागरिक संहिता के नाम पर लोगों को कुछ दलों के द्वारा भड़काया जा रहा है। यदि एक घर में फैमिली के एक सदस्य के लिए कुछ और कानून और दूसरों के लिए कुछ और कानून हो तो परिवार कैसे चलेगा ? ऐसी व्यवस्था रही तो फिर देश कैसे चलेगा? भारत के संविधान में भी समान अधिकार की बातें कही गई है।

तीन तलाक से तबाह हो जाता है पूरा परिवार

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि जो भी तीन तलाक के पक्ष में बातें करते हैं,ये वह लोग हैं जो मुस्लिम बेटियों के साथ अन्याय चाहते हैं।कुछ लोगों को लगता है कि तीन तलाक से तो सिर्फ महिलाओं की बात हो रही है। इससे सिर्फ बेटियों को नुकसान नहीं होता,इसका दायरा कहीं बड़ा है।परिवार बहुत अरमानों के साथ बेटी की शादी करता है और कोई तीन तलाक कहकर उसे निकाल दे, तो उस परिवार पर क्या असर पड़ता है, इसे वह परिवार ही समझता है, जिसकी बेटी इस प्रकार तलाक देकर निकाल दी जाती है।पूरा परिवार तबाह हो जाता है।

इस्लाम से है तीन तलाक का संबंध तो अन्य मुस्लिम देशों में भी क्यों नहीं है तीन तलाक

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर तीन तलाक का संबंध इस्लाम से है तो इसे कोई भी मुस्लिम देश खत्म नहीं करता।परसों ही में मिस्र में था जहां 90 फ़ीसदी सुन्नी मुसलमान है और वहां 80 90 साल पहले ही इस तीन तलाक की प्रथा को खत्म कर दिया गया है। यह इस्लाम में जरूरी है तो फिर पाकिस्तान, इंडोनेशिया,कतर ,जॉर्डन,सीरिया और बांग्लादेश में तीन तलाक क्यों नहीं है ! यहां कुछ काटरपंथी मजहबी संगठनों और इनकी मदद से राजनीति करनेवाले राजनीतिक दलों ने मुस्लिम बेटियों और गरीबों के उत्पीड़न के लिए इसे यहां बनाए रखा था। यही वजह है कि बीजेपी और मोदी के साथ हर जगह मुस्लिम बेटियां खड़ी दिखाई पड़ती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here