सरकार के खिलाफ आज सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष, विपक्षी गठबंधन इंडिया ने बुलाईअहम बैठक

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बीरेंद्र कुमार झा

मणिपुर हिंसा को लेकर संसद में जारी विपक्ष के तीखे हमले और हंगामे के बीच विपक्षी गठबंधन इंडिया के सदस्य केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले हैं। विपक्षी गठबंधन के नेताओं का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव सरकार को मणिपुर पर लंबी चर्चा के लिए मजबूर करेगा। हालांकि संख्या बल कम होने के कारण विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव का सदन में विफल होना तय है लेकिन विपक्षी गठबंधन का कहना है कि इससे वे चर्चा के दौरान मणिपुर मुद्दे पर सरकार को घेर कर अवधारणा बनाने की लड़ाई जीत जाएंगे। इसके अलावा अविश्वास प्रस्ताव के जरिए मणिपुर मुद्दे पर संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बोलने के लिए रणनीति बना रहे हैं।हालांकि इस मामले पर सरकार इस बात पर जोर दे रही है कि मणिपुर मामले में चर्चा के दौरान सरकार की तरफ से विपक्ष के सवाल का जबाव पीएम मोदी की जगह गृह मंत्री अमित शाह देंगे।लेकिन विपक्ष पीएम मोदी के बयान के लिए अड़ा हुआ है।

आज अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे सकते हैं विपक्षी दल

सूत्रों के मुताबिक मणिपुर हिंसा मामले में बीते 4 दिनों से मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) के घटक दल आज बुधवार को लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे सकते हैं। हालांकि नोटिस के बाद यह अध्यक्ष पर निर्भर करता है कि वह सदन में नोटिस पर कब चर्चा कराते हैं ।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मणिपुर के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर संसद के भीतर बयान देने का दबाव बनाने के कई विकल्पों पर विचार करने के बाद यह फैसला किया गया कि अविश्वास प्रस्ताव ही सबसे कारगर रास्ता होगा जिसके जरिए सरकार को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विवश किया जा सकेगा। कांग्रेस ने अपने लोकसभा सदस्यों को व्हिप जारी करके कहा है कि बुधवार को संसद के कार्यालय में मौजूद रहे।

विपक्षी दलों ने तैयार किया नोटिस का मसौदा

मणिपुर हिंसा मामले में संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्षी गठबंधन इंडिया के घटक दल आज बुधवार को लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे सकते हैं।गठबंधन ने इस नोटिस का मसौदा लगभग तैयार कर लिया गया है ।इसलिए लिए जरूरी 50 सांसदों का हस्ताक्षर लेने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों के दोनों सदनों के नेता इस संबंध में बुधवार को बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।

सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने का नियम

विपक्षी गठबंधन सदन में आज अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।लेकिन सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए एक प्रक्रिया के तहत जाना होता है। जो भी सांसद सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहता है।पहले उसे इस तरह के प्रस्ताव देने के लिए सदन से अनुमति मांगने होती है। इसके अलावा वह जिस दिन प्रस्ताव लाएगा, उस दिन सुबह 10:00 बजे तक लोकसभा के महासचिव को प्रस्ताव के लिखित सूचना देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर प्रस्ताव मंजूर नहीं किया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री ने की सदन में चर्चा की अपील

गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर हिंसा मामले पर संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दलों से चर्चा करने के लिए अपील की है।लोकसभा में विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच उन्होंने कहा कि जनता आपको देख रही है। चुनाव में जाना है ,जनता के खौफ को ध्यान में रखें। आप से विनती है कि मणिपुर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए सदन में उचित माहौल बनाएं। कितनी भी लंबी चर्चा हो में इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूं। सरकार को कोई डर नहीं है,जिसको चर्चा करनी है वह आए।

अमित शाह ने सदन को बताया कि मणिपुर हिंसा मामले को लेकर उन्होंने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मलिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी को भी पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं से आग्रह किया गया है वे मणिपुर हिंसा मामले में सदन में चर्चा कराने में अपना सहयोग दें। सभी सदस्यों से पार्टी की विचारधारा से ऊपर उठकर सहयोग करने का अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि वे इस मुद्दे को हल करने में सहयोग करेंगे।गौरतलब है कि कांग्रेस और इंडिया के घटक दल प्रधानमंत्री से चर्चा की मांग कर रहे हैं। इस कारण संसद के दोनों सदनों में 4 दिनों से बना हुआ है।

 

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