पुलिस द्वारा 17 साल के किशोर की हत्या का वीडियो सामने आने के बाद उबल रहा है फ्रांस, शांति बहाली के लिए सड़कों पर उतरे 50 हजार जवान

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बीरेंद्र कुमार झा

फ्रांस की राजधानी पेरिस फिलहाल हिंसा की आग में जल रहा है। यहां पुलिस की तरफ से एक किशोर को गोली मारे जाने की घटना के बाद लगातार तीसरे दिन लोगों ने बड़े पैमाने पर उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक लगाकर सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, आगजनी की,और पुलिसकर्मियों पर पटाखे फेंके। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें की। फ्रांसीसी मीडिया के अनुसार आंतरिक मंत्रालय ने कहा है कि कल रात पूरे साल में 1311 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। घटनाओं में 200 से अधिक पुलिस अधिकारी घायल हो गए। दोनों पक्षों के बीच तानातानी से पिछले 3 दिनों से यह शहर काफी गरमाया हुआ है।

क्यों हुआ बबाल

गौरतलब है कि मंगलवार को यातायात जांच के दौरान 17 साल के नाहिल की हत्या पुलिस के द्वारा कर दी गई।इस घटना का वीडियो भी सामने आया जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। लोग काफी आक्रोशित हो गए और राजधानी पेरिस समेत कई जागशों पर तोड़फोड़ और आगजनी करने लगे।इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति मैनुअल मेट्रो ने शुक्रवार को माता-पिता से किशोरों को घर पर रखने का आग्रह किया और पूरे फ्रांस में फैले दंगों को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा।

सोशल मीडिया पर लगाम लगाएगी फ्रॉम सरकार

वरिष्ठ मंत्रियों के साथ दूसरी आपात बैठक के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने कहा कि स्नैपचैट और टिक टॉक जैसे सोशल मीडिया मंचों ने इस सप्ताह हिंसा की गतिविधियों को बढ़ावा देने में अपनी अहम भूमिका निभाई है।उन्होंने कहा कि सरकार संवेदनशील कंटेंट को हटाने के लिए प्रक्रिया स्थापित करने के लिए प्रद्योगिकी कंपनियों के साथ काम करेगी।

घटना के बाद से जल उठा पेरिस

इस घटना के बाद फ्रांस में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़क उठे और जगह-जगह आगजनी की घटनाएं हुई तथा विरोध प्रदर्शन तीसरी रात भी जारी रहा। फ्रांस की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी ने कहा कि हिरासत में लिए गए 1311 लोगों में से लगभग आधे पेरिस क्षेत्र से हैं।अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उपनगर क्लीची सूस बोईस के सिटी हॉल में आग लगा दी और आब्बिलियर्स में एक बस डिपो को आग के हवाले कर दिया। उन्होंने बताया कि पेरिस के कई इलाकों में लोगों के समूह ने सुरक्षाबलों पर पटाखे फेंके।

लूटी गई दुकानें

क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया कि शहर के 12 वें प्रांत के पुलिस थाने पर हमला किया गया है,जबकि रिवोली स्ट्रीट लीवर संग्रहालय के निकट और मध्य पेरिस के सबसे बड़े शॉपिंग मॉल फोरम डेस हॉलेस में कुछ दुकाने लूट ली गई ।उन्होंने बताया कि भूमध्य सागरी बंदरगाह शहर मार्सिले में पुलिस ने शहर के मध्य में हिंसक समूह को तितर-बितर करने की कोशिश की ।पेरिस पुलिस के अनुसार विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए लगभग 49 हजार पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। राष्ट्रीय पुलिस प्रवक्ता के अनुसार लगभग 200 पुलिस अधिकारी इस घटना में घायल हुए हैं।इस बीच गृह मंत्री गेराल्ड डारमनीन ने शुक्रवार को हिंसा की घटनाओं की निंदा की।

मृतक परिवार ने दिया इंटरव्यू

नाहेल की मां मोनिया एम ने फ्रांस 5 टेलीविजन को बताया कि वह उस पुलिस अधिकारी से बहुत अधिक गुस्सा करती है, जिसने उसके इकलौते बच्चे को मार डाला। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी अपनी बंदूक लेकर हमारे बच्चों पर गोली नहीं चला सकता। हमारे बच्चों की जान नहीं ले सकता।

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