नीतीश कुमार को चाहे कोई पलटू राम कहे, चाहे कोई उनके लिए दरवाजा बंद रहने की बात करे, लेकिन नीतीश कुमार अपने ही ढंग से काम करते हैं और बार-बार वह पलटू राम कहने वालों के साथ और दरवाजा बंद करने वालों के साथ भी जाते रहते हैं और वह भी अपने मुख्यमंत्री पर बने रहने की शर्तों पर।ये आरजेडी या बीजेपी जिस भी खेमा में जाते हैं,मुख्यमंत्री यही रहते हैं।बिहार में 2 साल बाद अब फिर एक बार सत्ता में उलट- फेर होने जा रहा है। हफ्ते भर से चल रही है अटकलें पर अब मुहर लगती हुई दिख रही है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार एक बार फिर एनडीए के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं। बीजेपी हाई कमान के भले ही सरकार के फॉर्मूले पर अंतिम मोहर लगना बाकी है, लेकिन जो खबर आ रही है उसके मुताबिक नीतीश कुमार नौवीं बार 28 जनवरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। हमेशा की तरह मुख्यमंत्री के साथ इस बार भी उपमुख्यमंत्री के रूप में सुशील मोदी के बने रहने की संभावना है। हालांकि आरजेडी भी अंतिम समय तक नीतीश कुमार को मनाने की कोशिश में लगी हुई है। साथ ही वह इसके साथ प्लान बी पर भी काम करने लगी है,ताकि सरकार पर संकट की स्थिति में आरजेडी जादुई आंकड़े 122 विधायकों का जुगाड़ कर अपना सरकार बनाने का दावा कर दे। इस बीच आज शाम 4:30 बजे नीतीश कुमार राज्यपाल से मिलने जाने वाले हैं। माना जाता है कि उनका यह राज्यपाल से मिलने का यह कार्यक्रम गणतंत्र दिवस परेड के कार्यक्रम से संबंधित है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वे भेंट के दौरान राज्यपाल को सरकार की वर्तमान और भावी स्वरूपों को लेकर भी संकेत दे सकते हैं।
केंद्रीय नेतृत्व गंभीरता से कर रहा विचार
दिल्ली से पटना पहुंचे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार की ताजा घटनाक्रम पर हमारे केंद्रीय नेतृत्व की नजर है और केंद्रीय नेतृत्व मेरा सक्षम है। केंद्रीय नेतृत्व बहुत गंभीरता से विचार करके ही कोई निर्णय लेगा।हमारा केंद्रीय नेतृत्व बहुत गंभीरता से कोई भी फैसला लेता है। राजनीतिक घटनाक्रम में क्या होता है यह आगे पता चलेगा। वहीं बीजेपी की कोई मीटिंग होने वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला प्रदेश अध्यक्ष करेंगे।आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव दिखने वाले सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इसका फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा। वहीं जीतन राम मांझी द्वारा आज ही खेला होगा वाले वक्तव्य को लेकर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी हमें नहीं है।गौरतलब है कि अभी तक मुख्यमंत्री के पद को लेकर नीतीश कुमार और बीजेपी के बीच बीच उथल – पुथल बरकरार था, लेकिन अब यह तय हो गया है कि गठबंधन होने की स्थिति में नई सरकार का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे हालांकि बीजेपी की तरफ से दो उपमुख्यमंत्री शामिल किए जाने की बात भी सामने आ रही है ताकि नीतीश कुमार पर नियंत्रण रखा जा सके।इसके अलावा सरकार के स्वरूप को लेकर यह खबर आ रही है कि पूर्ववर्ती एनडीए गठबंधन का अंग रहते हुए नीतीश कुमार के साथ जो सरकार थी,वहीं सरकार एक बार फिर से दोहराई जाएगी।
चिराग पासवान की प्रतिक्रिया
बिहार की राजनीति में होने वाले उथल-पुथल को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि हमने तो पहले ही कह दिया था कि खरमास की समाप्ति के बाद शुभ दिन शुरू होंगे और फिर बिहार की राजनीति में भी बड़े फेरबदल होंगे।और अब नीतीश कुमार द्वार उठाए जा रहे इस कदम से एक बड़े राजनीतिक बदलाव के साथ यह शुभ दिन आता नजर आ रहा है। हालांकि इस घटना को लेकर और अपने पार्टी को मिलने वाली सीटों को लेकर चिराग पासवान ने एक दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर अपनी चिंता व्यक्त की है।
उपेंद्र कुशवाहा की प्रतिक्रिया
बिहार की ताजा राजनीतिक घटनाक्रम जिसमें नीतीश कुमार के एनडीए गठबंधन में आने और मुख्यमंत्री बनने की बात कही जा रही है, उसे लेकर राष्ट्रीय लोक जनता दल प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हम लोग चाहते हैं कि पीएम मोदी फिर से चुनाव जीत कर आएं।हम लोग एनडीए को मजबूत करने में लगे हुए हैं।अभी लगातार इस बात की चर्चा हो रही है कि नीतीश कुमार फिर एनडीए गठबंधन में आएंगे।यह बात तो सही है कि जहां नीतीश कुमार जी अभी हैं वहां पर वे काफी परेशान हैं और इसलिए वह वहां से निकलना चाहते हैं। अगर वे बीजेपी के साथ गठबंधन में आएंगे तो फिर लोकसभा चुनाव के बाद साथ में रहेंगे या नहीं यह भी एक बड़ा सवाल है।
कांग्रेस नेता तारिक अनवर की प्रतिक्रिया
बिहार की ताजा राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि नीतीश कुमार अपनी राजनीतिक भविष्य के हिसाब से ऐसा निर्णय नहीं लेंगे। बीजेपी उनको षड्यंत्र में फसाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि इस बार उसको बिहार से ज्यादा सीटें नहीं मिलने वाली है।तारिक अनवर ने कहा कि हमें ऐसा होने की कोई सुगबुगाहट तक नहीं थी। बंगाल और बिहार की स्थिति अलग है। ममता जी ने कहा है कि वह इंडिया ब्लॉक के साथ हैं और वर्तमान निर्णय वहां की पॉलिटिक्स के हिसाब से लिया है ।बिहार में मुझे नहीं लगता कि नीतीश ऐसा कुछ करेंगे, लेकिन अगर ऐसा कुछ करते हैं तो वाकई यह इंडिया गठबन्धन को एक बड़ा नुकसान होगा।उन्होंने संयोजक की भूमिका निभाई ,सभी को साथ लेकर आए तो अब ऐसे में उनके जाने से नुकसान लाजमी है।
हम जहां हैं,वहीं रहेंगे
जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार ने मीडिया द्वारा पूछे गए राजद के द्वारा डिप्टी सीएम पद ऑफर किए जाने के सवाल पर कहा कि ऑफर तो आते रहते हैं, लेकिन हम लोग एनडीए के साथ थे और एनडीए के साथ रहेंगे। हम इस तरह की लड़ाई के लिए तैयार हैं।नीतीश केमुख्यमंत्री बनने से हमें कोई दिक्कत नहीं है। हम जहां हैं वहीं रहेंगे। ऐसी कोई बात नहीं है, यह सब बेमतलब की बातें हैं। हमारे पास ऐसा फोन नहीं आया है, पिताजी के पास आया हो तो मुझे जानकारी नहीं है।
तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया
पिछले कुछ दिनों से नीतीश कुमार तेजस्वी यादव की अक्सर अपेक्षा करते रहें हैं , ऐसे में अब तेजस्वी यादव ने भी अपना स्टैंड लेना शुरू कर दिया है, यहां तक की उन्होंने मुख्यमंत्री के झंडोत्तोलन कार्यक्रम में शिरकत भी नहीं किया । ऐसे में जब सत्ता के उलट- फेर की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव से नीतीश कुमार के एनडीए खेमे में जाने और सत्ता परिवर्तन के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने सवाल को टाल दिया । उन्होंने कहा कि हमने लोगों को रोजगार देने का प्रयास किया है। हम आगे भी जनहित से जुड़े काम करते रहेंगे।

