न्यूज़ डेस्क
मणिपुर जल रहा है और सरकार की चिंता इस बात की है कि वह अगला चुनाव कैसे जीते। बीजेपी आज दिल्ली में एनडीए की बैठक कर रही है और विपक्षी की एकता पर सवाल खड़ा कर रही है। खुद पीएम मोदी विपक्षी बैठक को करप्ट लोगों की बैठक बता रहे हैं लेकिन मणिपुर पर एक शब्द नहीं बोल रहे हैं। मणिपुर की हालत लगातार ख़राब होती जा रही है। वहां कुकी और मैतेई समुदय के बीच हिंसक वार्तातें हो रही है। अभी तक डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। करीब सैकड़ो लोग घायल है और एक लाख से ज्यादा लोग शरणार्थी शिविर में रहने को मजबूर हैं।
इसी बीच ओलंपिक चैंपियन मीराबाई चानू ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से गुहार लगाई है। बता दें कि इस वक्त चानू अमरीका में है। उन्होंने सोशल मिडिया पर 1 मिनट 10 सेकेंड एक का वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में मीराबाई चानू कह रही है कि मणिपुर के लोगों को बचा लो। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मणिपुर में शांति बहाल करने की गुहार लगाई है। सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म पर मीराबाई चानू का यह वीडियो वायरल हो रहा है।
मीराबाई चानू ने वीडियो शेयर किया और कहा- मणिपुर में पिछले तीन महीने से जो लड़ाई चल रही है वह अभी तक रुकी नहीं है। इस लड़ाई की वजह से कई खिलाड़ी ट्रेनिंग नहीं कर पा रहे हैं। वहीं छात्रों को पढ़ाई में दिक्कत हो रही है। कई लोगों की जान जा चुकी है, कई के घर जल चुके हैं। मणिपुर में मेरा घर है लेकिन मैं अभी अमेरिका में हूं जहां मैं आने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स की तैयारी कर रही हूं।
मीराबाई चानू इस वीडियो में बोल रही हैं कि मैं भले ही मणिपुर में नहीं हूं, लेकिन देखतीं हूं और सोचती हूं कि आखिर कब खत्म होगी यह लड़ाई। मैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील करती हूं कि इस लड़ाई को जल्दी से जल्दी शांत करें और मणिपुर की जनता को बचा लीजिए और मणिपुर में पहले जैसी शांति बहाल कीजिए। इस वीडियो को जमकर शेयर किया जा रहा है, लोग मीराबाई चानू की इस मांग पर अपनी राय भी रख रहे हैं।
बता दें कि, अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च के आयोजन के बाद पहली बार 3 मई को झड़पें हुई थीं। मेइती समुदाय मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हैं और ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं। जनजातीय नागा और कुकी जनसंख्या का 40 प्रतिशत हिस्सा हैं और पहाड़ी जिलों में निवास करते हैं। राज्य में शांति बहाल करने के लिए करीब 10,000 सेना और असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है।
लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद भी कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है, जिस कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब तक इस हिंसा में 150 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 3000 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। केंद्र की मोदी और राज्य की बीरेन सरकार अब तक इस मसले पर पूरी तरह विफल दिखी है।
मणिपुर को बचाने के लिए ओलंपिक चैंपियन मीराबाई चानू ने देश के पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह से लगाई गुहार !
Published on
