विकास कुमार
आरजेडी विधायक चेतन आनंद ने अपनी ही पार्टी के नेता मनोज झा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चेतन आनंद ने मनोज झा पर राजपूतों को टारगेट करने का आरोप लगाया है। दरअसल राज्यसभा में महिला रिजर्वेशन बिल पर भाषण देते हुए राजद सांसद मनोज झा ने एक कविता पढ़ी थी। मनोज झा ने दबंगई को परिभाषित करते हुए ओमप्रकाश वाल्मीकि की रचना ‘ठाकुर का कुआँ’ संसद में सुनाई थी,इस कविता में ठाकुर की ताकत के बारे में मनोज झा ने चर्चा की थी।
इस कविता पाठ के बाद आरजेडी सांसद मनोज झा को उनकी ही पार्टी के ही विधायक चेतन आनंद ने जमीन दिखा दी है। चेतन आनंद के पिता आनंद मोहन सिंह ने भी मनोज झा को जमकर खरी खोटी सुनाई है। चेतन आनंद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हम “ठाकुर” हैं साहब!! सबको साथ लेकर चलते हैं। इतिहास में सबसे अधिक बलिदान हमारा है,समाजवाद में किसी एक जाति को टार्गेट करना समाजवाद के नाम पर दोगलापन के अलावा कुछ नहीं। जब हम दूसरों के बारे में गलत नही सुन सकते तो ठाकुरों पर अभद्र टिप्पणी बिल्कुल नही बर्दाश्त करेंगे,माननीय सांसद श्री मनोज झा के विचारों का पुरजोर विरोध।
वहीं चेतन आनंद के पिता आनंद मोहन भी मनोज झा पर भड़क गए। आनंद मोहन ने कहा कि अगर वे राज्यसभा में होते तो उनकी जीभ खींच कर आसन की ओर उछाल देते। वहीं इससे पहले बीजेपी विधायक नीरज बबलू ने कहा था कि वे पटककर मनोज झा का मुंह तोड़ देते। साफ है कि मनोज झा की कविता के बाद आरजेडी में ब्राह्मण बनाम राजपूत की लड़ाई शुरू हो गई है।

