न्यूज़ डेस्क
बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की इस्कॉन को लेकर की गई टिप्पणी ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस यानी इस्कॉन ने मेनका गांधी को उनके बयान के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा है। दरअसल मेनका गांधी ने इस्कॉन को लेकर कहा था कि वह कसाइयों को गौशालाओं से गाय बेचते हैं।
लेकिन अब इस्कॉन के विवाद से राजनीति पर भी असर पड़ता दिख रहा है। मेनका खुद भी वन्य जिव और पशु संरक्षक रही है। अभी तक वह इस्कॉन के मामले में मौन ही है। उनपर इस्कॉन के मानहानि के दावे के बाद भी मेनका की तरफ से अभी तक कोई बयान नहीं आये हैं। लेकिन कहा जा रहा है कि आने वाले समय में मेनका इससे भी बड़ी बात सामने ला सकती है।
अब बीजेपी की परेशानी है कि अधिकतर धार्मिक संस्थाएं उसे वोट देती है या फिर लोगों ,भक्तो को वोट देने के लिए प्रेरित भी करती है। इस बात की जानकारी देश के हर लोगों को है। इस्कॉन के भक्त भी बीजेपी के समर्थक माने जाते हैं। इसके साथ ही चकी यह एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है और इसकी शाखाएं कई देशों में है इसलिए दुनिया भर में बीजेपी की जो अभी वाहवाही होती दिख रही है उसमे इस संस्था का भी हाथ है। अब बीजेपी को लग रहा है कि इस्कॉन के साथ नए विवाद से बीजेपी की छवि भी ख़राब हो सकती है क्योंकि मेनका बीजेपी की ही सांसद है।
जानकार अब कहने लगे हैं कि वरुण गाँधी तो पहले से ही बीजेपी के रडार पर हैं और इस्कॉन विवाद से मेनका भी बीजेपी के रडार पर आ गई है। ऐसी हालत में बीजेपी अब शायद ही मेनका को लोकसभा चुनाव में उतारे।
उधर , इस्कॉन उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने कहा, “आज हमने इस्कॉन के खिलाफ पूरी तरह से निराधार आरोप लगाने के लिए श्रीमती मेनका गांधी को 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। इस्कॉन के भक्तों, समर्थकों और शुभचिंतकों का विश्वव्यापी समुदाय इन अपमानजनक, निंदनीय और दुर्भावनापूर्ण आरोपों से बहुत दुखी है। हम इस्कॉन के खिलाफ भ्रामक प्रचार के खिलाफ न्याय की खोज में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”
बीजेपी सांसद मेनका के खिलाफ कानूनी मानहानि नोटिस 27 सितंबर को उनके एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के कुछ दिनों बाद आया है। दास ने 27 सितंबर को उसी दिन एक ट्वीट में कहा था, ”अगर वह अपने गलत बयानों के लिए माफी नहीं मांगती हैं तो हम उन पर मुकदमा करेंगे।’
वायरल वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि इस्कॉन देश में सबसे बड़ा धोखेबाज है। यह गौशालाओं का रखरखाव करता है और विशाल भूमि सहित सरकार से लाभ प्राप्त करता है। उन्होंने आंध्र प्रदेश में इस्कॉन की अनंतपुर गौशाला की अपनी यात्रा को याद करते हुए कहा, उन्हें ऐसी कोई गाय नहीं मिली जो दूध न देती हो या बछड़े न देती हो। पूरी डेयरी में दूध न देने वाली गाय नहीं थी। वहां एक भी बछड़ा नहीं था। इसका मतलब है कि सभी बेच दिए गए।”
उन्होंने कहा था, “इस्कॉन अपनी सारी गायें कसाइयों को बेच रहा है। वे जितना करते हैं उतना कोई नहीं करता, और वे सड़कों पर ‘हरे राम हरे कृष्ण’ गाते हैं। फिर वे कहते हैं कि उनका पूरा जीवन दूध पर निर्भर है। किसी ने भी इतने मवेशी कसाइयों को नहीं बेचे हैं, जितने उन्होंने बेचे हैं।”
इस्कॉन ने आगे कहा कि भारत के भीतर इस्कॉन 60 से अधिक गौशालाएं चलाता है जो सैकड़ों पवित्र गायों और बैलों की रक्षा करती हैं और उनके पूरे जीवनकाल के लिए व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करती हैं। इसमें कहा गया है कि वर्तमान में इस्कॉन की गौशालाओं में गायों को लावारिस, घायल पाए जाने या वध से बचाए जाने के बाद लाया जाता है।

