TMC Crisis: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को तगड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के करीब 20 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि उनके नेतृत्व में 20 सांसदों ने फैसला किया है कि वे अब एनडीए को समर्थन देंगे। उन्होंने पश्चिम बंगाल के हालिया चुनावी नतीजों को स्वीकार करते हुए कहा कि उनका राजनीतिक भविष्य एनडीए के साथ ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
बागी सांसदों की गतिविधियां
इससे पहले, पार्टी में टूट की अटकलें तेज होने के बीच काकोली घोष दस्तीदार और सुखेंदु रॉय के नेतृत्व में TMC के 16 सांसदों ने शुभेंदु अधिकारी से बातचीत की।
बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर अलग से बैठने की व्यवस्था करने की भी मांग की है।
दल-बदल कानून से बचने के लिए जरूरी संख्या:
संविधान की दसवीं अनुसूची (Anti-Defection Law) के अनुसार, लोकसभा में TMC के कुल सांसदों की संख्या का दो-तिहाई (कम से कम 19) सांसद अगर एक साथ पार्टी छोड़ते हैं तो दल-बदल कानून लागू नहीं होता।
इस घटनाक्रम से पहले TMC सांसद सुखेंदु रॉय ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के गंभीर आरोप लगाए थे।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात करने वाले प्रमुख सांसदों में शामिल हैं:
काकोली घोष दस्तीदार
पार्थ भौमिक
जगदीश बसुनिया
शताब्दी रॉय
रचना बनर्जी
कालिपदा सोरेन
अरूप चक्रवर्ती
असित मल
शत्रुघ्न सिन्हा
प्रसुन बनर्जी
प्रतिमा मोंडल
बापा हलीदार
इनके अलावा अन्य सांसदों में दीपक अधिकारी, जून मलीह, अबू ताहेर, खलिलुर रहमान, शर्मिला सरकार आदि के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। बागी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से भी मुलाकात की।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब TMC अध्यक्ष ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी समेत कई वरिष्ठ नेता विपक्षी INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल हुए थे।

