बीरेंद्र कुमार झा
राजस्थान में कल होने वाले बीजेपी विधायक दल की बैठक से पहले मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदारों में से एक महंत बालक नाथ के बयान से प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है।महंत बालक नाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा की पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनता जनार्दन ने पहली बार सांसद व विधायक बनाकर राष्ट्र सेवा का अवसर दिया। चुनाव परिणाम आने के बाद से मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को नजर अंदाज करें। उन्होंने आगे कहा कि मुझे अभी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में अनुभव प्राप्त करना है।महंत बालक नाथ के ट्वीट से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि शायद आलाकमान ने इन्हें कहा हो कि अभी आप इंतजार कीजिए,आगे बहुत समय है। अभी मंत्री के रूप में अच्छा काम करके अनुभव लीजिए।
ट्वीट के बाद से अटकलों का दौर जारी
महंत बालक नाथ के स्ट्रीट के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।कुछ लोगों को लगता है कि महंत सीएम की रेस से बाहर हो गए हैं, इसलिए उन्होंने यह ट्वीट किया है ,जबकि कुछ लोगों को लगता है कि विधायक दल की बैठक के बाद ही पता चलेगा कि राजस्थान का सीएम कौन बनेगा। फिलहाल बालक नाथ के ट्वीट से राजस्थान में सियासी पारा गरमा गया है।
महंत बालकनाथ पर दांव खेलने में हिचकिचा रही बीजेपी
भारतीय जनता पार्टी राजस्थान में नया मुख्यमंत्री लोकसभा चुनाव के हिसाब से ही बनाएगी। ऐसे में महंत बालक नाथ के कम अनुभव को देखते हुए बीजेपी अब इन पर दांव खेलने से हिचकिचा रही है। बीजेपी की मंशा प्रारंभ में राजस्थान में यूपी की तरह ही एक योगी को मुख्यमंत्री बनाने की जरूर थी, लेकिन एक तीर से कई निशाने साधते हुए का सियासी गांव इससे उल्टा पड़ सकता था इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि फिलहाल बालक नाथ मुख्यमंत्री के रस से बाहर हो गए हैं शुक्रवार को बालक नाथ ने दिल्ली में बारिश नेताओं से मुलाकात भी की थी शायद उन्हें इस बात के संकेत मिल गए कि वह अब कम नहीं बन पाएंगे इसलिए उन्होंने ऐसा ट्वीट जारी किया है।
महंत बालक नाथ नहीं तो, अगला सीएम कौन
महंत बालक नाथ के ट्वीट के बाद यह अटकल भी लगाने लगा है की बीजेपी शायद वसुंधरा राजे को ही मुख्यमंत्री बना दे।लेकिन इस बात की संभावना बिलकुल कम है ,क्योंकि एक तो अगर बीजेपी को ऐसा करना होता तो वह वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री का चेहरा ही घोषित का देती,ताकि चुनाव के वक्त उनके चेहरे का लाभ मिले, दूसरा यह कि अगर बीजेपी वसुंधरा को राजस्थान का सीएम बनाती है फिर मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ में रमन सिंह को सीएम बनना इसकी मजबूरी होती और फिर इसके ढेर सारे अरमान जो इसने इस चुनाव में मिली जीत के बाद संजोए हैं,व्यर्थ चला जाता। वैसे चर्चा इस बात की भी है की बीजेपी नेतृत्व वसुंधरा राजे को केंद्र में कोई महत्वपूर्ण स्थान दे दे।सूत्रों के अनुसार वसुंधरा ऐसे शर्तों पर भी तैयार नहीं है।ऐसे में बीजेपी को मानमनौवल वाली राजनीति को छोड़ते हुए गजेंद्र सिंह शेखावत,दिया कुमारी या ओम माथुर जैसे किसी नेता को सीएम चुन ले।वैसे बीजेपी आश्चर्य जनक से सीएम का कोई नया चेहरा लेकर न आ जाए।
