जानिए यूएन में चीन के खिलाफ ह्यूमन राइट वाच ने मोर्चा क्यों खोल दिया है ?

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न्यूज़ डेस्क 

उइगर अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और मीडिया की स्वतंत्रता कुचलने को लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने चीन की तीखी आलोचना की है। चीन में बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए ह्यूमन राइट्स वॉच चाइना के निदेशक सोफी रिचर्डसन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को चीन के खिलाफ वोट करना चाहिए। उन्होंने अपनी अपील में कहा कि सदस्यता पाने के लिए बिना कुछ सोचे चीन का समर्थन करने से पहले यूएन के सदस्य देशों को विचार करना चाहिए। सभी देशों को चीन के खिलाफ वोट करना चाहिए। बता दें कि ह्यूमन राइट्स वॉच चाइना के निदेशक सोफी रिचर्डसन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की सदस्यता के लिए 10 अक्टूबर को चुनाव होना है। बीजिंग की तरफ से अपराधों पर पर्दा डालने का हरसंभव प्रयास हो रहा है। चीन संयुक्त राष्ट्र चार्टर के “घोर उल्लंघन” का आरोप भी लगा रहा है।
                          रिचर्डसन ने कहा, ऐसा लगता है कि बीजिंग में खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड का मुद्दा उठाने वाले लोगों को सरकार विरोधी मानकर उनका गला घोंटने की इच्छा बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि चीन पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को विदेशों में मनमाने ढंग से हिरासत में रखने की तक में होता है। मानवाधिकार की बात करने वाले कार्यकर्ताओं को घर पर जबरदस्ती रखे जाने की कोशिशों के अलावा उन्हें गायब करने और परेशान करने जैसी हरकतें भी होती हैं।
                            एक रिपोर्ट के अनुसार चीन हांगकांग, तिब्बत और शिनजियांग में मानवाधिकार अपराधों को दबाने का प्रयास कर रहा है। चीन ने अपराधों की लंबी सूची को उजागर करने वाली सार्वजनिक गतिविधियों का बहिष्कार करने का आदेश दिया है। खबरों के अनुसार, चीन संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवाधिकार निकाय- यूएन मानवाधिकार परिषद में फिर से जगह बनाने के प्रयास कर रहा है।
                                सितंबर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक उच्च-स्तरीय बैठक हुई थी। इस सत्र के दौरान चीन के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने यूएन के सभी सदस्य देशों को अटलांटिक काउंसिल, ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल के इवेंट से दूर रहने को कहा था। चीन ने सभी देशों से शिनजियांग पर आयोजित एक साइड इवेंट के संदर्भ में “अपने मिशन को भाग न लेने का दृढ़ निर्देश” देने को कहा था।
                            ह्यूमन राइट्स वॉच चाइना के निदेशक ने बताया, चीन की अपील बेअसर हो गई जब यूएन के सदस्य देशों ने चीन के अनुरोध को नजरअंदाज कर दिया। सैकड़ों की संख्या में दर्शक शिनजियांग पर आयोजित इवेंट में पहुंचे। इसमें चीनी सरकार की तरफ से मानवाधिकारों का उल्लंघन, उइगर और अन्य तुर्क मुसलमानों को निशाना बनाने वाले अपराधों पर चर्चा हुई। चीन में फंसे पीड़ितों को मुक्त कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र क्या एक्शन ले सकता है, इसके संभावित उपायों पर भी चर्चा हुई।
                            इन सबके बीच जेनेवा में चीन के यूएन मिशन की तरफ से संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों को पत्र  लिखा गया। इसमें अपील की गई है कि मानवाधिकार आयोग के साथ आयोजित समारोह में किसी भी तरह शामिल न हों। चीन ने कहा है कि वह मीडिया की स्वतंत्रता को कुचल रही हॉन्ग-कॉन्ग की सरकार के कारनामों को भी उजागर करेगा।

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