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संसद में घुसपैठ। चार युवक पहले पकडे गए और बाद में ललित झा नामक युवक भी पकड़ा गया। कुल पांच युवक पुलिस हिरासत में हैं। इनके पूछताछ की जा रही है। उनके इरादे क्या थे यह सब जानने की कोशिश की जा रही है। शुरुआत जांच और पूछताछ में जो बाते सामने आयी है उसे साफ़ लगता है कि ये सभी युवा को अपराधी नहीं है और साधारण घर से। पढ़े लिखे हैं और देश ,समाज की जानकारी भी रखते हैं। लेकिन इनमे एक बात कमान है कि ये सभी भगत सिंह को अपना नेता ,मानते है और उनके विचारों से सरोकार रखते हैं।
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने संसद में खुद को आग लगाने की भी योजना बनाई थी। साथ ही संसद में पर्चे फेंकने पर भी विचार किया था। हालांकि काफी विचार के बाद उन्होंने इन दोनों विकल्पों को छोड़ दिया और आखिरकार संसद में घुसकर स्मोक कैनिस्टर से रंगीन धुंआ छोड़ने पर सहमत हुए।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि विजिटर्स गैलरी से लोकसभा चैंबर में कूदने की योजना तय करने से पहले उन्होंने कई अन्य विकल्पों पर भी विचार किया था। पुलिस ने बताया कि पहले आरोपियों ने अपने शरीर पर फायरप्रूफ जैल लगाकर संसद भवन में खुद को आग लगाने की योजना पर भी विचार किया था लेकिन बाद में ये विचार छोड़ दिया। इसके अलावा आरोपियों ने संसद भवन में पर्चे फेंकने की भी योजना बनाई थी लेकिन आखिरकार उन्होंने लोकसभा में स्मोक कैनिस्टर से रंगीन धुंआ छोड़ना तय किया और बीते बुधवार को वैसा ही किया।
मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल मैसूर से भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के भी बयान दर्ज करने पर विचार कर रही है। बता दें कि प्रताप सिम्हा ने ही आरोपियों सागर शर्मा और मनोरंजन डी के विजिटर पास को अपनी स्वीकृति दी थी।
शुक्रवार को पुलिस आरोपियों को उन जगहों पर लेकर गई, जहां आरोपियों ने मिलकर संसद में घुसपैठ की साजिश रची थी। पुलिस संसद से भी इजाजत लेकर जल्द ही आरोपियों को संसद भवन ले जाकर सीन रिक्रिएट करा सकती है। पुलिस ने मामले में हिरासत में लिए गए महेश कुमवात को भी क्लीन चिट नहीं दी है।
महेश पर आरोप है कि उसने मास्टरमाइंड ललित झा को भागने में मदद की थी। दिल्ली पुलिस जल्द ही ललित झा को राजस्थान के नागौर ले जाने की तैयारी कर रही है, जहां फरारी के दौरान ललित रुका था। साथ ही ललित को उस जगह भी ले जाया जाएगा, जहां उसने अपना और अन्य सभी आरोपियों के मोबाइल फोन तोड़े थे। बता दें कि गिरफ्तार सभी पांचों आरोपियों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
