पटना का खेसारी गैंग बच्चों को धकेल रहा अपराध की दुनिया में, भीख मांगने से लेकर कई अपराधियों को देते हैं अंजामपटना का खेसारी गैंग बच्चों को धकेल रहा अपराध की दुनिया में, भीख मांगने से लेकर कई अपराधियों को देते हैं अंजाम

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बीरेंद्र कुमार झा

पटना का खेसारी गैंग धनबाद सहित आसपास के स्टेशनों पर बाल अपराधियों की सप्लाई कर रहा है।इस गैंग का संचालन पटना का अपराधी खेसारी उर्फ कछुआ करता है। पहले तो वह विभिन्न प्रकार का सब्जबाग दिखाकर 10 से 16 वर्ष तक के बच्चों को अपने जाल में फंसाता है, फिर उसे नशे की लत लगाकर अपराध की ट्रेनिंग देता है। धनबाद स्टेशन एरिया में फिलहाल 72 बाल अपराधी सक्रिय हैं। इन लोगों से भीख मंगवाने से लेकर छोटे-छोटे आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिलाया जाता है इस गैंग में कुछ महिलाएं भी हैं। इसका खुलासा बाल संरक्षण आयोग की पड़ताल में हुआ।

बिहार से बच्चों को भेजा जा रहा धनवाद

बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष उत्तम मुखर्जी के अनुसार धनबाद में पिछले 6 महीने के दौरान बरामद हुए चार बाल अपराधियों से पूछताछ के दौरान यह पता चला है कि सभी बच्चे एक ही गैंग के लिए काम करते हैं और सबको बिहार के पटना गया और नवादा से धनबाद भेजा गया था। बाल अपराधियों से मिली जानकारी के आधार पर बाल संरक्षण आयोग की टीम ने धनबाद और पटना के आसपास के क्षेत्रों में जाकर अध्ययन किया।इसमें पाया गया कि पटना स्टेशन छेत्र में सक्रिय खेसारी गैंग ही इन बाल अपराधियों को भेजता है।उत्तम मुखर्जी ने कहा कि यह गैंग इन बच्चों को किसके हाथ बेचता है या किसके जरिए वसूली करवाता है,,इसकी पड़ताल के लिए रेल पुलिस को कहा गया है।

दोनों पैर से दिव्यांग है खेसारी

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 वर्ष के खेसारी के दोनों पैर नहीं है । वह वैसे बच्चों को फंसाता है जो घर से भागकर स्टेशन आते हैं या फिर जिनके माता-पिता नहीं है। इस काम के लिए उसने अपने साथ कई महिलाओं को भी रखा है। महिलाएं आसानी से बच्चों को फंसा लेती है। इन महिलाओं में से एक अभी पटना जेल में बंद है। खेसारी के खिलाफ पटना के डीएम और रेल पुलिस से भी शिकायत की गई है। आरोप है कि खेसारी ने एक नाबालिग लड़की से जबरन शादी की है। वह लड़की अभी धनबाद की एक होप सेंटर में रह रही है।

* केस 1-धनबाद स्टेशन से दिसंबर 2022 में बाल संरक्षण आयोग की टीम ने एक 12 वर्षीय बच्ची को बरामद किया था। वह पटना की रहने वाली है। उसे नशे की लत थी।लंबे इलाज के बाद उसका नशा का आदत अब छूट गया है।उसने बताया कि उसे खेसारी गैंग ने नशा की आदत लगाई थी और भीख मांगने और सामान चुराने की ट्रेनिंग दी थी। उसे पटना से धनबाद भेजा गया था। उसके पिता नहीं है, जबकि मां जेल में बंद है। बच्ची को 2 दिन पहले पटना डीएम कार्यालय भेज दिया गया है। उसके दादा-दादी उसे अपने साथ रखने को तैयार हो गए हैं और वह भी घर लौटने को तैयार है।

* केस 2– 3 माह पूर्व धनबाद रेलवे स्टेशन से एक लड़का बरामद हुआ।अभी वह बोकारो के सरकारी आश्रय के गृह में रह रहा है।उसने बताया कि उसे खेसारी गैंग ने पटना से यहां भेजा था। वह मूलत गया का रहने वाला है। वह भी नशा का आदी है। वह एक बार बाल आश्रय गृह से भागने की कोशिश भी कर चुका है।

 काउंसलिंग कर लाया जा रहा है मुख्यधारा में

बाल संरक्षण आयोग धनवाद के अध्यक्ष उत्तम मुखर्जी ने कहा कि स्टेशन क्षेत्र में सक्रिय बाल अपराधियों और भिखारियों की काउंसलिंग कराई जा रही है। कोशिश की जा रही है कि ऐसे बच्चों को नशा और अपराध की दुनिया से बाहर निकाला जाए। इसमें जिला प्रशासन का सहयोग लिया जा रहा है।पटना और नवादा के डीएम को भी पत्र लिखा गया है। अपराधी के सरगना पर कार्रवाई कराई जाएगी ताकि अब और बच्चों को वह इस नर्क वाली दुनिया में नहीं ठेल सके।

 

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