Bihar News: बिहार की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा सेतु अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शनिवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से शेष कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (BSRDCL) के अभियंता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरा होगा निर्माण कार्य
अधिकारियों ने मुख्य सचिव को बताया कि परियोजना का कुल 98.2 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में पुल पर फिनिशिंग वर्क, एक्सपेंशन जॉइंट्स की स्ट्रेसिंग और अन्य तकनीकी कार्य तेजी से चल रहे हैं।
विभाग ने लक्ष्य रखा है कि शेष सभी कार्य जुलाई 2026 के पहले सप्ताह तक पूरे कर लिए जाएं, ताकि जल्द से जल्द आम जनता के लिए इस मार्ग को खोला जा सके।
मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने परियोजना से जुड़े अभियंताओं और अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंतिम चरण के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी तकनीकी मानकों का पालन करते हुए निर्धारित समय सीमा में काम पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना बिहार के परिवहन ढांचे को नई दिशा देने वाली है और पटना तथा उत्तर बिहार के बीच संपर्क व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लाएगी।
19.76 किलोमीटर लंबी है मेगा परियोजना
कच्ची दरगाह (पटना) और बिदुपुर (वैशाली) के बीच गंगा नदी पर बन रही इस ग्रीनफील्ड परियोजना की कुल लंबाई 19.76 किलोमीटर है।
परियोजना के अंतर्गत— 9.76 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल,10 किलोमीटर लंबा एप्रोच रोड (पहुंच मार्ग) का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना का एक हिस्सा, कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा तक लगभग 4.57 किलोमीटर मार्ग, पहले ही जनता के लिए खोला जा चुका है।
पटना और उत्तर बिहार के बीच बदलेगी कनेक्टिविटी
यह सिक्स लेन पुल पटना के सबलपुर क्षेत्र को वैशाली जिले के बिदुपुर स्थित एनएच-103 से जोड़ेगा। साथ ही यह पटना-बख्तियारपुर बाईपास (एनएच-30) से भी सीधे जुड़ा रहेगा।
पुल के चालू होने के बाद उत्तर बिहार के कई जिलों के लोगों को राजधानी पटना तक पहुंचने में काफी कम समय लगेगा। इससे व्यापार, कृषि, उद्योग और परिवहन क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

गांधी सेतु का दबाव होगा कम
वर्तमान में उत्तर बिहार और पटना के बीच अधिकांश यातायात महात्मा गांधी सेतु पर निर्भर है। कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में वाहनों का दबाव इस नए मार्ग पर स्थानांतरित होगा, जिससे गांधी सेतु पर ट्रैफिक का बोझ कम होगा।
मरीजों और कारोबारियों को मिलेगा बड़ा फायदा
नई संपर्क व्यवस्था से वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सा, शिक्षा और व्यवसायिक गतिविधियों के लिए पटना आने-जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच भी पहले की तुलना में अधिक तेज और आसान हो जाएगी।

