Bihar News: बिहार के 3101 बच्चों को मिला नया जीवन! बाल हृदय योजना के 100वें बैच को स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने किया रवाना

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Bihar News: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी बाल हृदय योजना ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। शनिवार को स्वास्थ्य भवन, पटना से स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने योजना के 100वें बैच के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 32 बच्चों को निःशुल्क इलाज के लिए अहमदाबाद स्थित श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल रवाना किया।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया तथा शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे के इलाज में बाधा न बने।

3101 बच्चों को मिल चुका है नया जीवन

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बताया कि अप्रैल 2021 में शुरू हुई बाल हृदय योजना के माध्यम से अब तक राज्य के 3101 बच्चों का सफल इलाज कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में आई नई उम्मीद और राहत की कहानी है।

उन्होंने कहा कि योजना का 100वां बैच स्वास्थ्य विभाग की निरंतर प्रतिबद्धता और जरूरतमंद परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रयासों का प्रतीक है।

किन जिलों के बच्चे शामिल

100वें बैच में कुल 32 बच्चे शामिल हैं। इनमें बक्सर से 3, पूर्वी चंपारण से 2, जहानाबाद से 3, खगड़िया से 1, मधेपुरा से 2, मधुबनी से 1, मुंगेर से 2, नालंदा से 5, पटना से 7, समस्तीपुर से 3 और वैशाली से 3 बच्चे शामिल हैं। इन सभी बच्चों का विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में पूरी तरह निःशुल्क उपचार कराया जाएगा।

क्या है बाल हृदय योजना?

बाल हृदय योजना की शुरुआत वर्ष 2021 में सात निश्चय-2 कार्यक्रम के तहत की गई थी। योजना का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग, विशेषकर हृदय में छेद जैसी गंभीर समस्याओं से पीड़ित 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को निःशुल्क जांच, ऑपरेशन और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत चयनित बच्चों का इलाज राज्य और देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में कराया जाता है।

नियमित स्क्रीनिंग से हो रही पहचान

स्वास्थ्य विभाग राज्यभर में लगातार स्वास्थ्य शिविर और स्क्रीनिंग अभियान चला रहा है, जिसके माध्यम से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान की जाती है। चिकित्सकीय जांच के बाद चयनित बच्चों को आईजीआईसी, आईजीआईएमएस, मेदांता अस्पताल पटना और श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल अहमदाबाद जैसे संस्थानों में इलाज के लिए भेजा जाता है।

स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर जोर

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। बाल हृदय योजना इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने हजारों बच्चों और उनके परिवारों को नया जीवन और नई उम्मीद दी है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

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