हाईकोर्ट ने झारखंड सरकार से पूछा वर्ष 2012 में नियुक्त जनसेवकों का ग्रेड पे क्यों किया गया कम, नोटिस जारी

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बीरेंद्र कुमार झा

झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अवकाशकालीन पीठ ने वर्ष 2012 में नियुक्त जनसेवकों के 2400 रुपए से घटाकर 2000 रुपए करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की। इस मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने प्रार्थी का पक्ष सुना। इसके बाद पीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दायर करने का निर्देश दिया।

हाईकोर्ट के अवकाशकालीन पीठ में हुई सुनवाई

झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अवकाश कालीन पीठ ने सरकार से पूछा कि जनसेवकों का ग्रेड पे ₹2000 क्यों किया गया इसके पीछे क्या तर्क है? मामले की अगली सुनवाई 6 सप्ताह के बाद होगी इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज ने पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि वर्ष 2012 में लगभग 1400 जनसेवकों की नियुक्ति 2400 रुपए के ग्रेड पे पर हुई थी। इस ग्रेड पर का भुगतान भी किया जा रहा था। वर्ष 2023 में बिना कारण बताए ग्रेड पे घटा कर 2000 कर दिया गया। पूर्व में नियुक्त जन सेवकों का ग्रेड पे 2400 ही रखा गया है।

एक ही संवर्ग के कर्मियों के मामले में दो तरह की नीति

अदालत की पीठ ने कहां कि एक ही संवर्ग के कर्मियों के मामले में सरकार दो तरह की नीति अपना रही है, जो सही नहीं है। उन्होंने ग्रेड पे घटाने के आदेश पर रोक लगाने का भी आग्रह किया । उल्लेखनीय है कि प्रार्थी झारखंड राज्य जनसेवक संघ की ओर से सौरभ कुमार ने याचिका दायर की है।उन्होंने ग्रेड पर घटाने के आदेश को चुनौती दी है।

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