बीरेंद्र कुमार झा
झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अवकाश कालीन पीठ ने झारखंड के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों से ही आवेदन मांगे जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की।सुनवाई के दौरान प्रार्थी का पक्ष सुनने के बाद पीठ ने एएनएम ,जीएनएम, बीएससी नर्सिंग बीएससी नर्सिंग (बेसिक) और बीएससी नर्सिंग (पोस्ट बेसिक) के विज्ञापन पर रोक लगा दी ।
स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों से ही क्यों मांगा गया आवेदन
हाईकोर्ट के यह जानना चाहा कि पाठ्यक्रम में नामांकन के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा का ऑनलाइन आवेदन सिर्फ झारखंड के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों से ही क्यों मांगा गया है? पीठ ने प्रतिवादी राज्य सरकार व झारखंड संयुक्त प्रवेश परीक्षा प्रतियोगिता परीक्षा परिषद(JCECEB) को जवाब दायर करने का निर्देश दिया।साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 जून की तिथि निर्धारित की।
दूसरे राज्य के अभ्यर्थी नहीं कर पा रहे हैं आवेदन
इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता कृष्ण कुमार ने पक्ष रखते हुए बताया कि राज्य में संचालित संस्थानों में एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग (बेसिक( और बीएससी नर्सिंग (पोस्ट बेसिक) पाठ्यक्रम में नामांकन के लिए जेसीईसीईबी की ओर से विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। इसमें शतप्रतिशत झारखंड के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगा गया है इस कारण दूसरे राज्य के अभ्यर्थी इसके लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
झारखंड के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित कर दी गई है सीटें
झारखंड सरकार ने जेसीईसीईबी के द्वारा निकाली गई प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन हेतु शतप्रतिशत सीटें झारखंड के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित कर दी है। यह संविधान के प्रावधानों के खिलाफ हैं। अधिवक्ता श्री कुमार ने उपरोक्त दोनों विज्ञापनों पर रोक लगाने का आग्रह किया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि कुलचंद्र कुमार सिंह,सुप्रभा कुमारी, पुष्पा कुमारी,विनय कुमार सिंह व अन्य की ओर से याचिका दायर की गई है।
