बीरेंद्र कुमार झा
मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत अस्पतालों के साथ किए गए एमओयू कीअवधि समाप्त हो गई है। इस वजह से कैंसर और किडनी ट्रांसप्लांट के मरीजों का इलाज फिलहाल झारखंड में लटक गया है ।राज्य सरकार अस्पतालों के साथ नए सिरे से एमओयू करने से पहले स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रही है।फिलहाल यह मामला वित्त विभाग के पास विचाराधीन है ।
चालू वित्तीय वर्ष 23- 24 में अब तक राज्य भर से कैंसर और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए स्वास्थ्य निदेशालय के पास 53 आवेदन आए हैं। इनमें मरीजों के इलाज के लिए 10लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया गया है।
72 अस्पतालों को सूचीबद्ध करते हुए किया गया था एमओयू
राज्य सरकार ने गंभीर रोगों से ग्रसित गरीबों के इलाज में मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत आर्थिक सहायता की राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख कर दी है।सरकार की ओर से गंभीर बीमारी के इलाज के लिए 72 अस्पतालों को सूचीबद्ध करते हुए एमओयू किया गया था।इनमें से कई अस्पतालों की एमओयू की अवधि समाप्त हो गई है।
सिविल सर्जन के अस्तर से मिलती है 5 लाख तक की सहायता राशि
मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों को सिविल सर्जन के अस्तर से ₹5 लाख तक की सहायता राशि मिलती है। इलाज की राशि अधिक होने पर आवेदन को स्वास्थ्य निदेशालय के पास भेजा जाता है। यहां से आवेदन की स्क्रूटनी के बाद इसे विभाग के पास भेजा जाता है। मंत्री की मंजूरी मिलने के बाद मरीजों को 10 लाख तक के इलाज के लिए राशि स्वीकृत की जाती है। इलाज में 10 लाख से अधिक राशि खर्च होने की स्थिति में कैबिनेट से स्वीकृति ली जाती है।
8 लाख से कम आय वाले कर सकते हैं आवेदन
मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया सरल है। इसके लिए आवेदक को अंचल अधिकारी से आय प्रमाण पत्र बनवाना होता है। लगातार तीन वर्षों तक 8 लाख से कम आय वाले इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

