न्यूज़ डेस्क
जम्मू कश्मीर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जम्मू कश्मीर में आज ही ईद मनाई गई लेकिन प्रशासन ने श्रीनगर स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में ईद की सामूहिक नमाज अदा करने की इजाजत नहीं दी है।
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से यह लगातार पांचवां साल है जब जामिया मस्जिद में ईद की नमाज की इजाजत नहीं दी गयी है। मस्जिद प्रबंधन समिति ‘अंजुमन औकाफ’ ने मंगलवार को घोषणा की थी कि श्रीनगर की ऐतिहासिक मस्जिद में बुधवार सुबह ईद की नमाज अदा की जायेगी।
औकाफ की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “आज फजर (सुबह) की नमाज के बाद पुलिसकर्मियों ने जामा मस्जिद श्रीनगर के दरवाजे बंद कर दिए और औकाफ को सूचित किया कि आज सुबह 9.30 बजे होने वाली ईद उल फितर की नमाज की अनुमति नहीं दी जा रही है।”
बयान में कहा गया है कि मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक को आज तड़के नजरबंद कर दिया गया।
समिति ने कहा, “यह कार्रवाई हमारी मजहबी आजादी और हमारे मुस्लिम समुदाय के हक के खिलाफ है, यह एक सप्ताह में तीसरी घटना है जब नमाज अदा करने वालों को उनकी सबसे बड़े मस्जिद में पहुंचने से रोका गया है।”
बयान में कहा गया है, “विशेष रूप से आध्यात्मिक चिंतन और नमाज के महत्वपूर्ण समय के दौरान मस्जिद में जाने से लगातार इनकार करना न केवल बेहद अपमानजनक है, बल्कि जायरीनों के बीच अलगाव और शिकायत की भावना को भी बढ़ाता है।”
पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने ईद की नमाज के लिए जामिया मस्जिद को बंद करने की निंदा करते हुए इसे ‘मजहबी मामलों में दखलंदाजी बताया।
इस बीच, कश्मीर में ईद-उल-फितर आज पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। ईद की नमाज के लिए सबसे बड़ी संख्या में भीड़ डल झील के किनारे हजरतबल दरगाह पर देखी गयी। पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने दरगाह पर प्रार्थना की।

