हममें से कई लोग मानते हैं कि त्वचा पर लाल दाने या चकत्ते निकले तो जरूर कुछ खाने या लगाने से एलर्जी हुई होगी। हालांकि, जब यही परेशानी हफ्तों तक आती-जाती रहे, तो त्वचा विशेषज्ञ इसे क्रोनिक स्पॉन्टेनियस अर्टिकेरिया यानी CSU नाम की लंबी चलने वाली बीमारी का संकेत होता है। इसे समय पर पहचानना जरूरी है, ताकि सही इलाज शुरू हो सके. जानें कि इसे कैसे पहचानें और कब सावधान होने की जरूरत।
इस बीमारी की सबसे बड़ी पहचान है त्वचा पर उभरे हुए चकत्ते। ये लाल होते हैं या आपकी त्वचा के रंग जैसे भी दिख सकते हैं।इनके साथ तेज खुजली होती है। खास बात यह है कि एक चकत्ता कुछ घंटों में बैठ जाता है, मगर शरीर पर किसी और जगह नया निकल आता है।अगर आपके साथ ऐसा 6 हफ्ते से ज्यादा से हो रहा है, तो त्वचा विशेषज्ञ से जांच कराएं।खुजली दिन से ज्यादा रात को परेशान करती है नींद टूटती है और अगले दिन थकान सी रहती है।
2025 में CSU के मरीजों पर हुए एक सर्वे में आधे से ज्यादा, यानी 62 प्रतिशत लोगों ने बीमारी बिगड़ने के समय नींद की परेशानी बताई।करीब आधे, यानी 49 प्रतिशत लोगों ने थकान की शिकायत की। इसलिए अगर खुजली की वजह से आपकी नींद और दिनचर्या बिगड़ रही है, तो इसे मामूली बात न समझें।
कुछ मरीजों में त्वचा की गहराई में सूजन भी आती है, जिसे एंजियोएडेमा कहा जाता है। यह होंठ, पलक, हाथ और पैर जैसी जगहों पर दिखती है। यह कभी चकत्तों के साथ आती है और कभी अकेले भी। अगर सूजन बार-बार आ रही है तो विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए. सांस लेने या निगलने में दिक्कत हो या जीभ और गले में सूजन लगे, तो देर किए बिना इमरजेंसी में पहुंचें। इस बीमारी में अक्सर एक तय वजह पकड़ में नहीं आती, इसलिए किसी एक खाने या क्रीम को दोषी मान लेना और खुद ही दवा छोड़ देना सही नहीं।
जब शरीर पर बार-बार चकत्ते और सूजन दिखती है, तो लोगों के सामने जाने में झिझक होने लगती है। यह चिंता बनी रहती है कि खुजली कब फिर शुरू हो जाए।लंबे समय तक यह हाल रहे, तो तनाव भी बढ़ता है। ऐसे में शर्म या डर के कारण इलाज टालें नहीं।त्वचा या एलर्जी विशेषज्ञ से मिलें। सही इलाज से लक्षण काबू में रहते हैं ।

