ISIS-जैश का ‘मिशन खिलाफत,निशाने पर धार्मिक स्थल,यूपी-मुंबई से पकड़े गए आतंकी

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सुरक्षा एजेंसियों ने देश को दहलाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है।दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, उत्तर प्रदेश एटीएस (एटीएस) और मुंबई पुलिस के ज्वॉइंट ऑपरेशन में पिछले 24 घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश और मुंबई से आईएसआईएस-जैश के तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है।जांच में खुलासा हुआ है कि ये आतंकी पैन इंडिया लेवल पर एक्टिव थे।इनके निशाने पर देश के कई प्रमुख धार्मिक स्थल थे।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और मुंबई एटीएस ने मुंबई के कल्याण इलाके से दो संदिग्ध आतंकियों को दबोचा है। इनकी पहचान मोस्साब अहमद उर्फ कलाम और मोहम्मद हमाद कॉलरा के रूप में हुई है।शुरुआती जांच के मुताबिक, ये दोनों आतंकी ‘मिशन खिलाफत’ और ‘सोल्जर ऑफ प्रॉफिट’ जैसे कट्टरपंथी टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े हुए थे।

इनका ‘गेम प्लान’ बेहद खौफनाक था। ये आतंकी टॉय कार (खिलौना कार) के भीतर बम फिट कर भीड़भाड़ वाले इलाकों और धार्मिक स्थलों पर धमाके करने की तैयारी कर रहे थे। ये दोनों जैश-ए-मोहम्मद (JEM) के हैंडलर अबु हुफेजा के सीधे संपर्क में थे।एजेंसियों को शक है कि मुंबई में 4-5 नाबालिग भी इनके प्रभाव में थे, जो फिलहाल रडार पर हैं।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और मुंबई एटीएस ने मुंबई के कल्याण इलाके से दो संदिग्ध आतंकियों को दबोचा है।इनकी पहचान मोस्साब अहमद उर्फ कलाम और मोहम्मद हमाद कॉलरा के रूप में हुई है।शुरुआती जांच के मुताबिक, ये दोनों आतंकी ‘मिशन खिलाफत’ और ‘सोल्जर ऑफ प्रॉफिट’ जैसे कट्टरपंथी टेलीग्राम ग्रुप्स से जुड़े थे।

इनका ‘गेम प्लान’ बेहद खौफनाक था। ये आतंकी टॉय कार (खिलौना कार) के भीतर बम फिट कर भीड़भाड़ वाले इलाकों और धार्मिक स्थलों पर धमाके करने की तैयारी कर रहे थे।ये दोनों जैश-ए-मोहम्मद (JEM) के हैंडलर अबु हुफेजा के सीधे संपर्क में थे।एजेंसियों को शक है कि मुंबई में 4-5 नाबालिग भी इनके प्रभाव में थे, जो फिलहाल रडार पर हैं।

वहीं, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने रिजवान अहमद नाम के एक खूंखार आतंकी को गिरफ्तार किया है। रिजवान का आतंकी इतिहास काफी पुराना है।वह 2015 से ही ISIS के संपर्क में था और भारत में नए लड़कों की भर्ती का जिम्मा संभाल रहा था।वह पहले भी मुंबई की आर्थर रोड जेल में आतंकी गतिविधियों के लिए बंद रह चुका है।रिजवान के पास से बम बनाने का सामान, जेहादी लिटरेचर और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं।

पूछताछ में रिजवान ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि वह सीरिया में बैठे आईएसआईएस हैंडलर्स के संपर्क में था। विदेशी आका उसे सोशल मीडिया और वीडियो कॉल के जरिए बम बनाने की ट्रेनिंग दे रहे थे।उसे भारत में इस्लामिक स्टेट का मजबूत नेटवर्क खड़ा करने और युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें सुसाइड बॉम्बर बनाने का टास्क दिया गया था।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह ऑपरेशन महज कुछ गिरफ्तारियां नहीं है, बल्कि एक बड़े ‘टेरर कॉकटेल’ का पर्दाफाश है. पहली बार यह स्पष्ट संकेत मिले हैं कि आईएसआईएस और जैश-ए-मोहम्मद मिलकर भारत के खिलाफ ‘हाइब्रिड वॉर’ छेड़ने की कोशिश कर रहे हैं।रिजवान अहमद को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर एक दिन की रिमांड पर लिया गया है, जबकि मुंबई से पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ के लिए उन्हें दिल्ली लाया गया है।

इन आतंकियों से भारतीय खुफिया तंत्र को कई तरह की महत्वपूर्ण जानकारी मिल रही है जिसे यह गृह विभाग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचा रही है। इसमें से कुछ जानकारियां आपके पास भी आती है और कुछ जानकारियों को सरकार सुरक्षा कर्म से गुप्त रख रही है। सरकार इन जानकारी के आधार पर अपनी नई रणनीति तय करने में डटी हुई कैसे यह इन आतंकियों के भरोसे भारत को तबाह करने की सोच रखने वाले इसके आका पाकिस्तान को सबक सिखा सके।
भारत में इन आतंकियों के सहारे की गई कार्रवाई के बदले में एयर स्ट्राइक सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जलाकर तो भारत ने पाकिस्तान को पहले ही सबक सिखा दिया है, अब जरूरत है पाक ऑक्यूपाइड कश्मीर को भारत में मिलाकर पाकिस्तान को दुनिया के नक्शे से गायब करने की।

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही यह कह चुके हैं की पक ऑक्यूपाइड कश्मीर भारत का है और भारत इस अपने में मिलाकर रहेगा। इतना ही नहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में ऑपरेशन सिंदूर के समाप्त नहीं होने और उसे फिलहाल स्थगित रखने की बात कह कर इस तरफ इशारा कर दिया है कि पाकिस्तान की तरफ से आगे की गई कोई भी आतंकवादी हरकत पाकिस्तान को वह सबक सिखा सकता है, जिसके बारे में पाकिस्तान ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी।

पाकिस्तान को भी भारत के समान सुबह का पता चल गया है इसलिए उसने अपनी करी शैली पूरी तरह से बदल ली है। पाकिस्तान से आतंकियों को भारत भेजने की जगह भारत में ही जिहादी मानसिकता वाले पाकिस्तान समर्थक आतंकवादी पैदा करने में लग गया है और इसके जरिए ही यहां बड़ी कार्रवाई कर भारत को कमजोर करने की प्रयास में जुटा हुआ है। आपने देखा कि किस प्रकार से डॉक्टर इंजीनियर आईटी प्रोफेशनल जैसा एक ज्ञानवान और समृद्ध तब का यहां स्लीपर सेल के काम को अंजाम दे रहा है बड़ी संख्या में केहादियों की मानसिकता वाले भारतीयों को अपने संगठन से जोड़कर उन्हें भारत में हिंसा फैलाने के लिए उकसाया जा रहा है आरडीएक्स के बड़े-बड़े खेत पकड़े जा रहे हैं, और कई बार तो सुना के कुछ जवान भी सेवा की गोपनीय सूचनाओं पाकिस्तान को भेजते हुए पकड़े गए हैं। खबर तो यहां तक है कई विपक्षी राजनीतिक दल के बड़े बड़े नेता तक इस नए आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हुए हैं और उन्हें अंदर ही अंदर इसलिए सपोर्ट कर रहे हैं, ताकि इनकी कार्यवाही के बाद यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंक के मामले से नहीं निपटने का आरोप लगाकर अपनी राजनीतिक रोटी सेक सकें।

केंद्र की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भी अब पाकिस्तान के इरादे को भांपते हुए उसे उसी की भाषा में सबक सिखाने का मन बना लिया है। एक तरफ खुफिया विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई से घबराकर आतंकवाद के इस मॉड्यूल से जुड़ा महत्वपूर्ण चेहरा तक को खुद के खुफिया तंत्र के घेरे में आने के डर के कारण आत्मघाती बम बनकर खुद को उड़ा देना पड़ा ,हालांकि, इस मामले में 13 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी और 2 दर्जन से भी ज्यादा लोग घायल हो गए।

अपने ही देश के लोगों के आतंकी बनकर पाकिस्तान के ईसारे पर काम करने को लेकर और इन्हें मिल रहे विपक्षी राजनीतिक दलों के आंतरिक समर्थन को देखते हुए भारत सरकार ने पाकिस्तान के मनसूबे पर पानी फेरने के लिए,एक बड़ी रणनीति यह बनाई है कि वह अपने देश में पाकिस्तान, सीरिया आदि के इशारे पर बने स्लीपर सेल को नेस्तनाबूद कर दे ,उनकी सारी योजनाओं पर पानी फेर कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज कर उसके मनोबल को तोड़ दे और इन्हें समर्थन देने वाले विपक्षी राजनीतिक दल के नेताओं को भी ऐसी गतिविधियों के लिए सजा देकर पहले तो देश की आंतरिक सुरक्षा की व्यवस्था कर ली जाय। अपने इस उद्देश्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की सरकार को बहुत हद तक सफलता भी मिली है और कई जगहों , विशेष कर धार्मिक स्थलों पर टॉय बम के जरिए आतंक फैलाने की योजना ठप हो गई है।

इसके अलावा भारत ने अपने नौसेना में बड़ी मजबूती लाई है। इसमें INS तारागिरी, INS अरिदमन ,INS अंजदीप , INS मालवण आदि को शामिल किया गया है। ताकि हड़बड़ी में पाकिस्तान कोई कदम उठाए और _फिर_ भारत पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर को अपने देश में मिलाकर पाकिस्तान का काम तमाम कर सके।

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