बीरेंद्र कुमार झा
पाकिस्तान और चीन दोनों की तरफ से भारत पर नापाक नजर रखने वालों के लिए भारतीय वायुसेना ने अपने लेटेस्ट हेरोन मार्क – 2 ड्रोन तैनात कर दिए हैं। खास बात यह है कि यह ड्रोन मिसाइल से भी लैस है और एक बार उड़ान भरने के बाद चीन और पाकिस्तान दोनों ही देश के साथ लगने वाली सीमाओं की निगरानी कर सकते हैं। वहीं उत्तरी सेक्टर में फॉरवर्ड बेस पर तैनात हेरोन मार्क 2 को ड्रोन को लोंग रेंज मिसाइल वेपन सिस्टम से लैस करके तैनात किया गया है।
कई खूबियों वाला है यह हेरोन मार्क -,2, ड्रोन
यह ड्रोन सैटलाइट कम्युनिकेशन क्षमता से युक्त है। ऐसे में काफी दूर से ही इसे संचालित किया जा सकता है ।इसके अलावा यह लेजर तकनीक से दुश्मन के ठिकानों को चिन्हित करने में सक्षम है, जिससे कि फाइटर एयरक्राफ्ट लॉन्ग रेंज वेपन का इस्तेमाल करके उसे ध्वस्त कर सके। यह ड्रोन इतना शक्तिशाली है कि एक ही जगह से पूरे देश पर नजर रख सकता है। ड्रोन स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर पंकज राणा ने कहा कि यह एक ही उड़ान में इससे कई अभियान चलाये जा सकते हैं। यह इंटेलिजेंट, सर्विलांस और टारगेट तीनों काम कर सकता है।
हर परिस्थिति में काम करता है हेरोन मार्क – 2 ड्रोन
ड्रोन स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर पंकज राणा ने कहा कि यह ड्रोन 24 घंटे निगरानी करने में सक्षम है। यह ड्रोन किसी भी मौसम में संचालित किया जा सकता है और यह अपना काम करने में सक्षम है। यह एयर फोर्स में सबसे बड़ी अनमैन मशीनरी है। इसके अलावा इसे अलग अलग तरीके के हथियारों से लैस किया जा सकता है,जिसमें एयर टू ग्राउंड मिसाइल एंटी टैंक वेपन और बम शामिल है। एक पायलट ने बताया कि नया हेरोन पुराने से काफी बेहतर है।
अधिकारियों ने कहा कि हेरोन मार्क – 2 शून्य से नीचे तापमान होने पर भी काम कर सकता है। यह वायु सेना की बड़ी मदद करने वाला है। भारतीय वायुसेना प्रोजेक्ट चीता पर काम कर रही है। इसके तहत लगभग 70 ड्रोन को हथियारों से लैस किया जाना है। इसके अलावा भारतीय सेना को 32 प्रेडेटर ड्रोन भी मिलने वाले हैं जो नौ सेना को कोई बड़ी मदद करेंगे।भारतीय नौसेना के पास इस तरह के 15 ड्रोन होंगे। इसके अलावा 8- 8 ड्रोन अन्य सेनाओं को दिए जाएंगे।

