भारतीय रिसर्चर्स ने ऐसा अनोखा सेमीकंडक्टर खोज निकाला है, जिसने फिजिक्स के नियमो को बदल कर रख दिया है। इस सेमी कंडक्टर मटीरियल की खासियत है कि यह गर्मी का इस्तेमाल करके किसी सेमीकंडक्टर के मुकाबले करीब 1,000 गुना ज्यादा बिजली पैदा कर सकता है। अभी तक माना जाता था कि इतनी ज्यादा बिजली सिर्फ तरल पदार्थों से ही बन सकती है, किसी ठोस क्रिस्टल से नहीं। भारतीय रिसर्चर्स की इस खोज से भविष्य में गर्मी से भरपूर बिजली बनाने और बेहद संवेदनशील सेंसर्स तैयार करने का रास्ता साफ हो गया है
साइंस में एक नियम है जिसे सीबेक इफेक्ट कहते हैं। इसके मुताबिक जब किसी धातु या सेमीकंडक्टर का एक सिरा गर्म और दूसरा सिरा ठंडा होता है, तो दोनों सिरों के बीच बिजली पैदा होने लगती है।
सालों से यही माना जाता रहा है कि ठोस मटीरियल में इससे बहुत कम बिजली पैदा होती है और ज्यादा बिजली के लिए लिक्विड इलेक्ट्रोलाइट्स या जेल का सहारा लेना पड़ता था।
ऐसे में भारतीय रिसर्चर्स ने पहली बार एक ठोस क्रिस्टल में लिक्विड जितनी भारी बिजली पैदा करके फिजिक्स के तय नियमों को बदल कर रख दिया है।
दरअसल भारतीय रिसर्चर्स ने स्कैंडियम नाइट्राइड नाम के मटीरियल की बेहद पतली परतें तैयार की हैं। इसके बाद इसमें बेहद बारीकी से मैग्नीशियम को मिलाया गया है।
इस बदलाव की वजह से मटीरियल की अंदरूनी बनावट में बिजली के पॉजिटिव और नेगेटिव चार्ज एक समान और अनोखे तरीके से फैल जाते हैं।
जब इस नए मटीरियल की लगभग 200 नैनोमीटर पतली परत पर टेस्ट किया गया, तो इसने कमरे के तापमान पर ही उम्मीद से सैकड़ों गुना ज्यादा वोल्टेज पैदा हुई।
टेस्टिंग में यह भी देखने को मिला कि मटीरियल की परत को जितना ज्यादा पतला किया गया, इससे बिजली पैदा होने की ताकत उतनी ही ज्यादा बढ़ती चली गई।
बड़ी बात है कि रिसर्चर्स ने इस तकनीक का इस्तेमाल करके एक शुरुआती लाइट सेंसर भी बना लिया है। जैसे ही इस पर लेजर लाइट डाली जाती है, तो तुरंत तेज वोलटेज पैदा होती है।
इसका इस्तेमाल भविष्य में बेहद बारीक लाइट सेंसर्स, हीट डिटेक्टर्स और क्वांटम डिवाइसेज में होगा। भारतीय वैज्ञानिकों की टीम ने अपनी इस नई खोज के लिए पेटेंट भी फाइल कर दिया है।

