न्यूज़ डेस्क
भारत पहली बार अपने पडोसी देश वियतनाम को अपना युद्धपोत आईएनएस कृपाण को उपहार स्वरूप सौंप रहा है। इसके लिए नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार आधिकारिक यात्रा पर वियतनाम पहुंच गए हैं। नौसेना प्रमुख कैमरून में 22 जुलाई को नौसेना के जहाज कृपाण को सेवा मुक्त करने के साथ इसे वियतनाम पीपुल्स नेवी(वीपीएन) को सौंपने के समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
भारत में निर्मित और सेवारत मिसाइल युद्धपोत आईएनएस कृपाण को वियतनाम की नौसेना को सौंपने का कदम भारत के समान विचारधारा वाले सहयोगियों की क्षमता और सामर्थ्य में वृद्धि और भारत सरकार के “एक्ट ईस्ट” और क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास की नीतियों के अनुरुप हैं। यह पूर्ण रुप से संचालित नौसेना के युद्धपोत को किसी भी पड़ोसी मित्र देश को उपहार स्वरुप सौंपने का पहला अवसर होगा।
आईएनएस कृपाण स्वदेश में निर्मित खुखरी श्रेणी का मिसाइल युद्धपोत है। इस युद्धपोत को वियतनाम को सौपने की घोषणा पहले ही जा चुकी है। यह मिसाइल युद्धपोत उपहार के रूप में वियतनाम को दी जा रही है। इस घोषणा के अनुरुप आईएनएस कृपाण तिरंगा धारण करते हुए अपनी अंतिम यात्रा में भारत से वियतनाम के लिए 28 जून,2023 को रवाना हुआ और 8 जुलाई,2023 को वियतनाम के कैमरून पहुंचा। अपने दौरे में एडमिरल आर हरि कुमार वियतनाम पीपुल्स नेवी के सीआईएनसी वाइस एडमिरल तन तनहा नेगिम से नौसेना मुख्यालय में मुलाकात कर दविक्षीय वार्ता करेंगे। नौसेना प्रमुख वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री से भी मुलाकात करेंगे।
नौसेना प्रमुख का यह दौरा भारतीय और वियतनाम की नौसेना के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय सहयोग का महत्व दर्शाने के साथ-साथ भारत के क्षेत्र में “आसियान की केंद्रीय भूमिका” को सम्मान प्रदान करता है।

