बिहार में पसर रहा हथियार बनाने का अवैध धंधा, बीच सहर और गांव में मिनी गन फैक्ट्री की हो रही खुलासे

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बीरेंद्र कुमार झा

बिहार में हथियारों के अवैध कारोबार का धंधा तेजी से बढ़ रहा है। आए दिन जिला पुलिस और एसटीएफ के द्वारा हो रही खुलासे इस दावे को मजबूत करते हैं। पिछले दिनों भागलपुर में एक बार फिर से मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने उद्वेदन किया, जबकि लखीसराय, सहरसा,गया और पूर्णिया समेत अन्य जिलों में भी हाल ही में अवैध तरीके से हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा किया गया था। इन छापेमारी में पुलिस और एसटीएफ को मौके पर भारी मात्रा में निर्मित और अर्ध निर्मित हथियार कारतूस सहित हथियार बनाने की मशीन और और औजार वगैरह मिले है।

भागलपुर में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा

भागलपुर पुलिस ने पिछले दिनों लोदीपुर थाना क्षेत्र के उस्तु गांव में छापेमारी की और मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया।इस मामले में 2 लोगों की गिरफ्तारी भी पुलिस के द्वारा की गई।पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी और जब उसके आधार पर छापेमारी की गई तो वहां हथियार बनाने की फैक्ट्री का खुलासा हुआ। हैरान करने वाली बात यह थी कि पुलिस ने जिन 2 लोगों को गिरफ्तार किया, उनमें से एक मोहम्मद सलमान वर्ष 2020 में विस्फोटक अधिनियम व हत्या के प्रयास के मामले में जेल जा चुका है।

भागलपुर में हथियार बनाने का धंधा पहले भी आया है पकड़ने

भागलपुर जिला में हथियार बनाने का धंधा पूर्व में भी पकड़ा गया है। जनवरी महीने में कहलगांव में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ था। पटना एसटीएफ की टीम ने अचानक दबिश डाली थी और मौके पर से दो संचालक समय दो कारीगर को भी गिरफ्तार किया गया था।कई अर्ध निर्मित हथियार और उसे तैयार करने वाले उपकरण भी बरामद किए गए थे ।एक मकान के अंदर मौत का यह सामान तैयार हुआ किया जा रहा था।इससे पहले एसटीएफ नाथनगर से एक मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया था।वही पुलिस ने नवगछिया जिला अंतर्गत रंगरा गांव में एक मिनीगन फैक्ट्री का एक महीने पहले खुलाधा किया थाजिसमें भाड़ा पर हथियार बनाने वाले रैकेट के 7 सदस्य पकड़े गए थे। वहां पुलिस को भारी मात्रा में अवैध हथियार भी मिले थे।

गया में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, सप्लायरों ने खोले राज

हाल ही में गया में भी एक मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया गया।बेलागंज थाना और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस को सफलता मिली थी।बेलागंज थाना क्षेत्र के सेखबीघा गांव में छापेमारी कर मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया गया था वहां से भारी मात्रा में निर्मित हथियारों के साथ हथियार बनाने वाले उपकरण भी बरामद किए गए थे।जहानाबाद में हथियार तस्करों की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर यह छापेमारी गया में की गई थी।

बांका में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा

जून महीने में बांका में पुलिस ने एक मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा बाराहाट के अरकट्टा गांव में किया था। पुलिस ने जब अचानक कार्रवाई की तो धंधे में लिप्त एक व्यक्ति बाइक से फरार होने के प्रयास में था।पुलिस ने एक छत के ऊपर जाने के लिए बनी सीडी के सकरी रास्ते में खोजबीन की तो वहां से हथियार बनाने के उपकरण कुछ हथियार और कुछ अर्धनिर्मित निर्मित हथियार बरामद किए गए।

पूर्णिया पहुंची बंगाल एसटीएफ, मुंगेर की कारीगर पकड़ाए

मिनी गन फैक्ट्री के खुलासे की फेहरिस्त काफी लंबी है।पूर्णिया में बंगाल एवं बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की थी और धमरहा थाने से महज 15 से 17 किलोमीटर की दूरी पर अवैध हथियार बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। दो भाइयों के घर में छापेमारी करके मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया गया था। पुलिस ने वहां 5 दर्जन से अधिक देसी कट्टा बनाने का सामान बरामद किया था।उसके अलावे वहां से लोहे की रॉड, बैरल बॉडी,लेथ मशीन वगैरह भी जब्त किया गया था।साथ ही हथियार बना रहे मुंगेर और भागलपुर के कारीगर भी पकड़े गए थे।

क्यों बढ़ रही है बिहार में अवैध मिनी गन फैक्ट्री

बिहार में अवैध तरीके से हथियार बनाने का धंधा तेजी से बढ़ा है जबकि स्थानीय पुलिस को कई बार इसकी भनक तक नहीं लगती है कि थाने के आसपास एरिया में मिनी गन फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा ह। पटना से एसडीएम की टीम आकर खुलासा कर जाती है,लेकिन स्थानीय पुलिस को कुछ भी पता नहीं होता है।दरअसल जब डिलीवरी के लिए जा रहे हैं कुछ सप्लायर को हथियार के साथ पकड़ा गया तभी कई बड़े राज बाहर आए ।और जब इसमें कुछ कार्रवाई हुई तो मिनी गन फैक्ट्री का खुलधा हुआ।इससे यह भी साफ हुआ कि यहां से हथियार बाहरी राज्यों में भी भेजे जाते हैं।कुल मिलाकर देखा जाए तो इस अवैध कारोबार के तार बिहारी ही नहीं बल्कि दूसरे प्रदेशों तक फैले हुए हैं।अब तो सहर ही नहीं गांव में भी घर के अंदर मौत का सामान बनाया जा रहा है।ग्रामीण डर से कुछ नहीं बोलते हैं,लेकिन पुलिस की चुप्पी कुछ और ही इशारा करती है।

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