कल्पना सोरेन के झारखंड के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा पर हेमंत ने मीटिंग कर लगाया लगाम

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बीरेंद्र कुमार झा

कल शाम तक झारखंड में हेमंत सोरेन के इस्तीफा देने और उसकी जगह पर अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को झारखंड के मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा खूब हो रही थी, लेकिन अब हेमंत सोरेन ने सत्ताधारी गठबंधन की विधायकों के साथ बैठक करने के बाद इस चर्चा पर विराम लगा दिया है। कल देर शाम प्रारंभ हुई हेमंत सोरेन सरकार के गठबंधन दल के विधायकों की बैठक में हेमंत सोरेन ने विधायकों का साथ और भरोसा मांगा।हेमंत सोरेन ने विधायकों से कहा कि मैं इस्तीफा नहीं दे रहा हूं।उपस्थित विधायकों ने इसपर हेमंत सोरेन को भरोसा देते हुए अपना निर्णय दिया किराज्य में कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री हैं और हेमंत सोरेन ही आगे भी मुख्यमंत्री रहेंगे।

आप का साथ मिला तो हर लड़ाई लड़ेंगे

बैठक में हेमंत सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह वर्तमान झारखंड मुक्ति मोर्चा,कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन की सरकार को अस्थिर करना चाहती है। यही कारण है की एक तरफ उसने अपनी जांच एजेंसी ईडी को हमारे पीछे लगा दिया गया है तो वहीं दूसरी तरफ वह मुख्यमंत्री परिवर्तन जैसी कई तरह की शिगूफा छोड़कर एक नैरेटिव तैयार करने का प्रयास कर रहा है।हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि अगर आप सभी लोगों का साथ हमें मिला तो हम पूरी शिद्दत और एकजुटता के साथ हर लड़ाई लड़ेंगे। ईडी द्वारा राजनीतिक षड्यंत्र किए जाने के बाबत मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा की ईडी का सातवां और अंतिम समन आया था। मैंने उसे दफन कर दिया है। ईडी ने भी लिखा है कि यह आखिरी नोटिस है। अब वह परेशान नहीं करेगी।इस सरकार को तंग किया जा रहा है।वह भी बंद हो जाएगा।

सरफराज की सीट आकस्मिक परिस्थिति से निबटने के लिए कराई खाली

इस बैठक में गांडेय विधायक सरफराज अहमद के सीट खाली करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इसमें बैठक में कहा गया की सरफराज अहमद से गांडेय विधानसभा का सीट इसलिए खाली कराया गया है, ताकि किसी भी तरह की आकस्मिक स्थित उत्पन्न होने पर उससे निपटा जा सके।

प्लान बी तैयार होने की भी चर्चा

हेमंत सोरेन द्वारा सत्ताधारी दल के विधायकों की इस बैठक में हेमंत सोरेन द्वारा मुख्यमंत्री के पद न त्यागने की घोषणा
से लेकर हर चीज को पूरी बारीकी से किया गया। प्रेस और मीडिया में किन बातों को देना है और किन बातों को नहीं देना है,इस पर भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बैठक में भाग लेने वाले विधायक काफी 90 तुले शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं और सिर्फ उन्हीं बातों का खुलासा कर रहे हैं जिसकी बाहर में चर्चा करनी है ।हालांकि अपुष्ट सूत्रों के अनुसार इस बैठक में प्लान बी तैयार कर लेने की भी चर्चा जोरों पर है।वैसे भी बैठक में सरफराज अहमद से गांडेय विधान सभा सीट से इस्तीफा दिलाकर आकस्मिक स्थिति से निबटने को लेकर तो चर्चा हुई ही थी,जो बैठक में प्लान बी तैयार करने की तरफ इशारा कर रहा है।

कुछ जेएमएम विधायक नहीं पहुंचे बैठक में

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा अपने आवास पर आहुत सत्ताधारी दल के विधायकों की बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कुछ विधायक और मंत्री नहीं पहुंचे।इन विधायकों में विधायक चमरा लिंडा ,कल्याण मंत्री हफीजूल हसन, दिनेश विलियम मरांडी और पार्टी से नाराज चल रहे व्धायक लोबिन हेंब्रम शामिल हैं। हालांकि विधायकों ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना दे दी थी।इधर विधायक चमरा लिंडा कई बार से पार्टी की बैठक से दूर रह रहे हैं।शीतकालीन सत्र में भी वे शामिल नहीं हुए थे।

कांग्रेस के भी कुछ विधायक बैठक से अनुपस्थित रहे

झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों और मंत्री के अलावा कांग्रेस के भी दो विधायक इस बैठक में नहीं पहुंचे।कांग्रेस विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह इस समय झारखंड से बाहर हैं,जबकि विधायक दीपिका पांडे के पिता का देहांत हो गया है। इस कारण ये दोनों विधायक बैठक में शामिल नहीं हो पाई।

पूर्व में भी कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री केंद्रीय जांच ए जेंसी से दो -दो हाथ करने अपनाया था ऐसा अड़ियल रवैया

केंद्रीय जांच एजेंसी की गिरफ्तारी से बचने के लिए मुख्यमंत्री का पद नहीं छोड़ने जैसी बातें करने वाले सिर्फ हेमंत सोरेन या अरविंद केजरीवाल ही नहीं है, बल्कि इससे पूर्व भी कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री ऐसी हरकत कर चुके हैं। इन मुख्यमंत्रियों में जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला और बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव शामिल है। हालांकि बाद में इन दोनों को मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था और उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी।

 

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