इधर हाथ मिलाया,उधर पंजा लड़ाने की तैयारी,मध्यप्रदेश में कांग्रेस का खेल बिगाड़ने चली आम आदमी पार्टी

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बीरेंद्र कुमार झा

लोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी कांग्रेस से हाथ मिला रही है, लेकिन मध्यप्रदेश में पार्टी अपने पुराने प्लान के तहत ही आगे बढ़ रही है। पार्टी ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने कैंपेन का आगाज कर दिया है। ऐसे में बीजेपी ओर कांग्रेस के बीच के सियासी रन में आम आदमी पार्टी की इंट्री के बाद चुनाव त्रिकोणीय हो सकता है। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की अगुवाई वाले गुट INDIA में शामिल हुई आम आदमी पार्टी कांग्रेस के बड़े वोट शेयर भी काट सकती है।

 मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़ और राजस्थान में इस वर्ष होंगे चुनाव

मध्य प्रदेश में इस साल चुनाव होने हैं आम आदमी पार्टी सूबे के चुनावी दंगल में इंट्री के लिए बेताब है।पार्टी ने प्रमुख अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान बीते दिनों मध्य प्रदेश दौरे पर आए थे और यहां पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और रैली की थी।दिल्ली में केंद्र के अध्यादेश पर कांग्रेस के समर्थन के बाद आम आदमी पार्टी विपक्षी गुट का हिस्सा तो बन गई है, लेकिन विधानसभा चुनाव को लेकर यह मध्यप्रदेद में यहrअपने पुराने प्लान पर ही कायम रह रही है।मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ ही यह मांग राजस्थान में पार्टी अपने को मजबूत करने में भी जुटी हुई है। मध्य प्रदेश को छोड़कर छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है ऐसे में आम आदमी पार्टी इन दो राज्यों में कांग्रेस को परेशान  कर सकती है। वहीं मध्यप्रदेश में पार्टी चुनाव को त्रिकोणीय बनाकर कांग्रेसका बना बनाया खेल बिगाड़ सकती है।

कांग्रेस का खेल बिगाड़ सकती है आम आदमी पार्टी

मध्यप्रदेश में आम आदमी पार्टी की इंट्री का डायरेक्ट असर कांग्रेस पर ही पड़ेगा।ऐसा भी संभव है कि आम आदमी पार्टी जितनी सीटों पर जीत दर्ज करें या फिर जितने फ़ीसदी वोट शेयर हासिल करे ,उससे कांग्रेस को ही घाटा होने की संभावना है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि गुजरात में बीजेपी को चुनौती देने के लिए उतरी आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के वोट शेयर को काट लिया और जिन सीटों पर चुनाव जीता उसमें से भी ज्यादातर सीटों पर पिछले चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने जीत दर्ज की थी ।मध्यप्रदेश में आम आदमी पार्टी बीजेपी को पूरी तरह से चुनौती देने में कामयाब नहीं हो सकती है। ऐसे में आम आदमी पार्टी सूबे के विधानसभा चुनाव को केवल त्रिकोणीय बना सकती है और इसका असर बीजेपी से ज्यादा कांग्रेस पर ही पड़ने की संभावना है। यहां तक कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने इस बार कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले ग्वालियर से ही चुनावी हुंकार भरी है।

अध्यादेश पर साथ – साथ राज्यों में अलग-अलग प्लान

बीते दिनों विपक्षी एकता के गुट ‘ इंडिया’ में शामिल होने से पहले आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस से केंद्र के अध्यादेश पर अपना रुख साफ करने के लिए कहा था। बेंगलुरु में महा जुटान से पहले कांग्रेस ने इस पर अपना बिना शर्त समर्थन भी दे दिया।इसके बाद आम आदमी पार्टी भी लोकसभा चुनाव में बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए के खिलाफ विपक्षी दलों गुट में शामिल हुई।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल न सिर्फ बेंगलूर पहुंचे बल्कि एकजुट होकर लोकसभा में बीजेपी को चुनौती देने की बात भी कही। इसके बावजूद पार्टी मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़ और राजस्थान के चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी अपनी योजना की अनुसार चल रही है। इससे पहले विधानसभा चुनाव में किसी भी प्रकार की गठजोड़ नहीं करेगी। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि विपक्ष की एकजुटता में शामिल होकर 2024 की तैयारी में जुटी आम आदमी पार्टी इससे पहले विधानसभा चुनाव में किसी प्रकार का गठजोड़ नहीं करेगी।

आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस से की थी मांग

दरअसल दरअसल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में आम आदमी पार्टी के चुनावी मैदान में उतरने की बात और कांग्रेस के खिलाफ भी चुनाव लड़ने का मामला एक प्रस्ताव से जुड़ा हुआ है। आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को एक लिखित प्रस्ताव दिया था कि अगर कांग्रेस दिल्ली और पंजाब में चुनाव नहीं लड़े तो आम आदमी पार्टी कांग्रेस शासित राज्यों में चुनावी रण में नहीं उतरेगी। लेकिन कांग्रेस ने इस प्रस्ताव पर कोई विचार नहीं किया।ऐसे में आम आदमी पार्टी देश भर में अपने कैडर को मजबूत करने में जुटी हुई है और विधानसभा चुनाव में इस बात की फिक्र किए बिना उतर रही है कि उसके चलते कांग्रेस को नुकसान हो सकता है।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी की बदलाव यात्रा

शनिवार को प्रदेश के खंडवा में चुनावी बिगुल फूंकते हुए आम आदमी पार्टी ने बदलाव यात्रा निकाली।इस यात्रा में शामिल हुए पंजाब के खड़ूर साहिब से विधायक और मध्य प्रदेश के सह प्रभारी मनजिंदर सिंह लालपुरा के साथ ही पंजाब के राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त शुगरफेड के चेयरमैन नवदीप सिंह जिंदा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर बड़े बयान दिए।राज्य मंत्री ने कहा कि मोदी से देश को बचाने के लिए 26 पार्टियां एक साथ इकट्ठे हुई हैं, भले ही इन पार्टियों के विचार अलग अलग,विचारधारा अलग अलग हो ,लेकिन यह सभी भारत के अभी के हालात और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश को बचाना चाहते हैं। इससे अमित शाह सहित मोदी जी और पूरे बीजेपी डरे हुए हैं,घबराए हुए हैं। एमपी में लोग आम आदमी पार्टी की सरकार चाहते हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने अभियान का आगाज करने वाली आम आदमी पार्टी 2024 लोकसभा के लिए बने विपक्षी गठबंधन के गुट से परे अपने पुराने योजना पर ध्यान देगी।पार्टी चुनाव में कांग्रेस का हित – अहित देखे बिना बीजेपी को चुनौती देने के लिए उतर रही है। पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी चुनाव में जीत हाड़िल कराने के लिए बीजेपी प्रशासन के खिलाफ चुनावी हुंकार भर चुके हैं। संभावना यह भी है की इस तरह आम आदमी पार्टी की एंट्री से कांग्रेस को वहां के चुनाव में हानि उठाना पड़ सकता है।

 

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