भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क, चीन छूटा पीछे

0
185

बीरेंद्र कुमार झा

दुनिया भर में सबसे बड़े सड़क नेटवर्क के मामले में भारत अब अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार ने पिछले 9 साल में देश भर में लगभग 54 हजार किलोमीटर नए राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल बिछाया है ।भारत में 1.45 लाख किलोमीटर सड़कों का निर्माण कर चीन को पीछे छोड़कर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में सरकार के पिछले 9 वर्षों की किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए यह बात बताई। उन्होंने कहा कि भारत का सड़क नेटवर्क 59% बढ़कर दुनिया में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

नितिन गडकरी ने कहा कि आज के समय में देश का सड़क नेटवर्क करीब 1 लाख 45हजार 240 किलोमीटर है,जबकि वित्त वर्ष 2013-14 में यह सिर्फ 91 हजार 287 किलोमीटर था। इसमें 44 हजार से अधिक दो लेन राजमार्ग था जिसे चार लेन में तब्दील किया गया है।उन्होंने कहा कि बीते 9 वर्षों में चार लेन राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई दोगुनी हो गई है।2013-14 में चार लेन राजमार्गों की लंबाई 18 हजार 371 किलोमीटर थी,जो कि बढ़कर अब 44657 किलोमीटर हो गई है। गडकरी ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में भारत में कई राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने देश के अब तक के सबसे लंबे दिल्ली – मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग पूरा कर लिया है।

सेटेलाइट आधारित टोल तकनीक पर हो रहा है काम

सड़क और एक्सप्रेसवे के अलावा सरकार सेटेलाइट आधारित टोल टैक्स तकनीक पर काम कर रही है। इसमें वाहन जितने किलोमीटर राजमार्ग पर चलेगा ,उसे उतना ही किलोमीटर का टोल देना होगा। इसकी विशेषता यह है कि इस तकनीक में टोल प्लाजा समाप्त हो जाएंगे।नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार दो लाख करोड़ लागत के राजमार्ग परियोजना राज्य में बना रही है।जम्मू – कश्मीर, लद्दाख ,पूर्वोत्तर के राज्यों में दो लाख करोड़ की योजनाएं चल रही हैं।

पेड़ काटने की जगह हो रहा ट्रांसप्लांट

नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने में पेड़ काटने की जगह पेड़ को उखाड़ कर दूसरे स्थान पर लगा रही है। इसके तहत 68 हजार पदों को प्रतिरोपित किया गया है।सरकार ने राजमार्ग निर्माण में अमृत सरोवर तालाब बनाए हैं। इसके अलावा दिल्ली रिंग रोड बनाने में तीस लाख टन कचरे का इस्तेमाल किया गया है।

एनएचएआई बना रहा रिकॉर्ड

नितिन गडकरी ने इस अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के योगदान का भी उल्लेख किया,जिसने इस अवधि के दौरान सात विश्व रिकॉर्ड कायम किए। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस साल मई में 100 घंटे में 100 किलोमीटर लंबा नया एक्सप्रेसवे तैयार किया। यह ऐतिहासिक उपलब्धि उत्तर प्रदेश में बन रहे गाजियाबाद – अलीगढ़ एक्सप्रेस वे के निर्माण के दौरान हासिल की गई। पिछले साल अगस्त में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 105 घंटे और 33 मिनट के रिकॉर्ड समय में महाराष्ट्र में अमरावती और अकोला के बीच 75 किलोमीटर लंबी बिटुमिनस कंक्रीट की सड़क बनाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।।

टोल से मिलने वाला राजस्व भी बढ़ा

बीते 9 वर्षों में टोल से मिलने वाला राजस्व 4,770 करोड़ रुपए से बढ़कर 41,342 करोड़ रुपए हो गया। सरकार का इरादा टोल राजस्व को वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 1.30 करोड रुपए तक पहुंचाने का है।

फास्टटैग से समय की बचत

टोल संग्रह के लिए फास्टटैग प्रणाली के इस्तेमाल से टोल प्लाजा पर वाहनों के इंतजार करने का समय घटकर 47 सेकंड रह गया है। सरकार इस समय को 30 सेकंड के भीतर लाने के लिए कुछ और कदम उठा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here