भारत नेपाल रिश्तो में एक नए दौर की शुरूआत ,लॉन्ग टर्म पावर ट्रेड समेत कई समझौतों पर हस्ताक्षर

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बीरेंद्र कुमार झा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की यात्रा पर आए अपने नेपाली समकक्ष पुष्प कमल दहल ‘ प्रचंड’ से गुरुवार को उर्जा संपर्क और व्यापार सहित कई क्षेत्रों में भारत-नेपाल सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित व्यापक वार्ता की। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘ प्रचंड’ की उपस्थिति में दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।

मैंने और प्रधानमंत्री प्रचंड ने भविष्य में अपनी पार्टनरशिप सुपरहिट बनाने के लिए बहुत से महत्वपूर्ण लिए

बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे याद है कि 9 साल पहले 2014 में कार्यभार संभालने के 3 महीने के भीतर मैंने नेपाल की अपनी पहली यात्रा की थी।उस समय में ने भारत-नेपाल संबंधों के लिए एक हीट फॉर्मूला दिया था हाई वे, आई वे और ट्रांस वे । आज मैंने और प्रधानमंत्री प्रचंड ने भविष्य में अपनी पार्टनरशिप को सुपरहिट बनाने के लिए बहुत से महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। आज ट्रांजिट एग्रीमेंट संपन्न किया गया है ।आज भारत और नेपाल के बीच ‘ लॉन्ग टर्म पावर ट्रेड एग्रीमेंट’ भी संपन्न हुआ है, इसमें हमने आने वाले 10 वर्षों में नेपाल से 10 हजार मेगावाट बिजली आयात करने का लक्ष्य रखा है। वही नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘ प्रचंड’ ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेपाल आने का आमंत्रण दिया है। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्दी ही नेपाल का दौरा करेंगे।

दोनों देशों के नेताओं ने अक्सर सदियों पुराने ‘ रोटी- बेटी’ संबंधों पर दिया ध्यान

नेपाल क्षेत्र में अपनी समग्र रणनीतिक हितों के संदर्भ में भारत के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के नेताओं ने अक्सर सदियों पुराने ‘ रोटी – बेटी’ संबंधों पर ध्यान दिया है। यह दोनों देशों के लोगों के बीच सीमा पार विवाह को संदर्भित करता है।नेपाल पांच भारतीय राज्यों सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार ,उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के साथ 1850 किलोमीटर से अधिक की सीमा साझा करता है।

नेपाल वस्तुओं और सेवाओं के परिवहन के लिए भारत पर निर्भर

चारों ओर से जमीन से घिरा नेपाल वस्तुओं और सेवाओं के परिवहन के लिए भारत पर बहुत अधिक निर्भर करता है। समुद्र तक नेपाल की पहुंच भारत के माध्यम से है और वह भारत से तथा इससे होते हुए अपनी आवश्यकताओं का एक प्रमुख अनुपात आयात करता है।

1950 की भारत नेपाल शांति और मैत्री संधि दोनों देशों के बीच विशेष संबंधों का आधार

वर्ष 1950 की भारत नेपाल शांति और मैत्री संधि दोनों देशों के बीच विशेष संबंधों का आधार हैं प्रचंड के प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेपाल के विदेश मंत्री एनपी सऊद ने बुधवार को कहा कि द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, पारगमन संपर्क और सीमा मुद्दों सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी।

 

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