बीरेंद्र कुमार झा
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने झटका देते हुए ईडी के निदेशक संजय कुमार मिश्रा के सेवा विस्तार को अवैध करार दिया है।यही नहीं शीर्ष अदालत ने उन्हें 31 जुलाई तक दफ्तर खाली करने का भी आदेश दिया है और कहा है कि तब तक केंद्र सरकार को उनके विकल्प पर विचार करना चाहिए। शीर्ष अदालत ने रणदीप सिंह सुरजेवाला,जया ठाकुर और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की अर्जी पर कहा कि संजय कुमार मिश्रा का सेवा विस्तार अवैध है। सुप्रीम कोर्ट ने जब 2021 के एक फैसले में इस बारे में राय दी थी तो फिर यह फैसला गलत है। तब कोर्ट ने कहा था कि संजय मिश्रा को नवंबर 2022 के बाद सेवा विस्तार नहीं मिल सकता है।
क्या है मामला
संजय कुमार मिश्रा को पहली नियुक्ति 2018 में मिली थी जिसका कार्यकाल नवंबर 2020 में समाप्त होना था। इसके बाद उन्हें 1 साल का सेवा विस्तार मिला था, जिसे एक एनजीओ ने शीर्ष अदालत में चुनौती दे दी थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मिले 1 साल के सेवा विस्तार को मंजूरी दे दी थी,लेकिन यह भी कहा था कि अब उन्हें इस कार्यकाल के बाद सेवा विस्तार नहीं मिल सकेगा। लेकिन इसके बाद केंद्र सरकार ने सीवीसी एक्ट और दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेबलिशमेंट एक्ट में संशोधन कर दिया,जिसके तहत ईडी और सीबीआई के चीफ को 2 साल के कार्यकाल के बाद 3 साल तक के लिए सेवा विस्तार को भी मंजूरी दी जा सकेगी।
इस संशोधन के तहत संजय मिश्रा को नवंबर 2001 से नवंबर 2022 तक के लिए सेवा विस्तार मिल गया। फिर उनका कार्यकाल बीते साल 1 वर्ष के लिए और बढ़ा दिया गया। इसी को अदालत में चुनौती दी गई थी जिसे कोर्ट ने अपने पुराने फैसले के मद्देनजर अवैध करार दिया है।
कौन है संजय कुमार मिश्रा जिन्हें मिले तीन सेवा विस्तार
संजय कुमार मिश्रा 1984 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं। उन्हें 2018 में ईडी का चीफ 3 महीने के लिए बनाया गया था। फिर 2 साल का पूर्ण कार्यकाल ही दे दिया गया। इनकम टैक्स कमिश्नर के पद पर रह चुके संजय कुमार मिश्रा ने कई मामलों की जांच की थी। इसके चलते उनकी छवि एक सख्त आयकर अधिकारी के तौर पर बनी थी। 63 साल के संजय मिश्रा को आर्थिक मामलों के एक्सपर्ट माना जाता है। कहा जाता है कि उन्हें इसी खासियत के चलते ईडी का चीफ बनाया गया था। वह लंबे समय तक दिल्ली के इनकम टैक्स कमिश्नर भी रहे थे। ईडी के अफसर के तौर पर उन पर विपक्षी पार्टियों ने लगातार हमले बोले थे और नेताओं को टारगेट करने का आरोप लगाया था।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हमलावर विपक्ष पर अमित शाह का पलटवार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ईडी निदेशक के कार्यकाल विस्तार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर हमलावर विपक्ष पर पलटवार किया है ।शाह ने ट्वीट करके कहा ईडी मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर खुशी मनाने वाले कई कारणों से भ्रमित हैं। दरअसल कांग्रेस ने आईडी प्रमुख संजय कुमार मिश्रा के तीसरे सेवा विस्तार को अवैध करार देने के बाद कहा कि यह सरकार के मुंह पर तमाचा है पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी आरोप लगाया कि सरकार का यह मकसद था कि ईडी निदेशक को गैरकानूनी तरीकों से सर्विस विस्तार दिया जाए। अमित शाह ने कांग्रेस नेताओं के बयानों का जवाब दिया है शाह ने 1 तरीके से विपक्ष को याद दिलाते हुए कहा कि
1 सीवीसी अधिनियम में जो संशोधन संसद की ओर से विधिवत पारित किया गया था उसे सुप्रीम कोर्ट के द्वारा बरकरार रखा गया है
2 भ्रष्ट और कानून के गलत पक्ष के साथ खड़े होने वालों पर कार्रवाई करने की ईडी की शक्तियां पहले ही की तरह रहेंगी।
3 ईडी एक ऐसी संस्था है जो किसी एक व्यक्ति से ऊपर है और इसका फोकस अपने मुख्य उद्देश्य पर कायम रहना है जैसे कि मनी लॉन्ड्रिंग के अपराधी और विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन की जांच करना।
4इसी तरह ईडी निदेशक कौन है,यह अहम नहीं हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जो कोई भी उस भूमिका में आएगा वह विकास विरोधी मानसिकता रखने वाले राजवंशों के क्लब के बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार पर ध्यान देगा।
