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बीरेंद्र कुमार झा
ह्यूमन ट्रैफिकिंग गैंग के द्वारा झारखंड की बच्चियों को दिल्ली, मुंबई,चेन्नई समेत देश के विभिन्न हिस्सों में के जाकर बेच दिया जाता है, जहां इनके साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए इन्हें काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। ह्यूमन ट्रैफिकिंग के इसी क्रम में ह्यूमन ट्रैफिकिंग गैंग के द्वारा सिमडेगा की 13 साल की बच्ची हरियाणा के गुरुग्राम में बेच दिया गया था। यहां एक दंपत्ति ने इसे बंधक बनाकर रखा था और इसके साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए इससे काम करवाया जाता था। शक्ति वाहिनी एक्सेस टू जस्टिस प्रोजेक्ट टीम ऑफ चाइल्डलाइन गुरुग्राम को इस बच्ची के बारे में जानकारी मिलने पर उसने इस बच्ची के परिजनों से संपर्क किया है ताकि बच्ची को परिवार को सौंपा जा सके साथ ही सिमडेगा जिला के एसपी से भी बात की है ताकि बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह को सजा दिलाई जा सके।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिमडेगा के एसपी और डीसी को दिया विशेष निर्देश
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने टि्वटर पर झारखंड पुलिस को टैग करते हुए लिखा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करें और इसकी सूचना दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जानकारी के अनुसार बिटिया सिमडेगा जिला से है इसलिए सिमडेगा के उपायुक्त (D C) बिटिया को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाते हुए उसकी वापसी सुनिश्चित करें।उसे शिक्षा और सरकारी योजना से जोड़ें और इसकी सूचना दें। साथ ही उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्री जोबा मांझी से भी इस मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया है।
ह्यूमन ट्रैफकिंग और बाइंडेड लेबर एक्ट के तहत दर्द करने की की मांग
ह्यूमन ट्रैफिकिंग रोकने के लिए काम कर रही गैर सरकारी संस्था (N G O) शक्तिवाहिनी ने मांग की है कि पुलिस इस मामले में ह्यूमन ट्रैफिकिंग और बॉन्डेड लेबर एक्ट के तहत केस दर्ज करे क्योंकि पीड़िता को बहला-फुसलाकर सिमडेगा से ले जाया गया था, जहां उसे एक अमीर आदमी के घर में कैद करके उससे जबरदस्ती काम करवाया जा रहा था।
बच्ची से की जाती थी मारपीट
गुरुग्राम में इस बच्ची को घरेलू काम करने के लिए मजबूर किया जाता था और उसके साथ बुरी तरह से मारपीट भी की जाती थी बच्ची को कभी भी मेहनत आना नहीं दिया जाता था शक्ति वाहिनी एक्सेस टू जस्टिस प्रोजेक्ट नाबालिक की काउंसलिंग में भी मदद कर रही है इसने और चाइल्डलाइन गुरुग्राम ने पुलिस से नाबालिग की आयु को वेरीफाई करने का भी आग्रह किया है ताकि पीड़िता को हर संभव सहयोग और मुआवजा सरकार की तरफ से मिल सके।
बाल संरक्षण आयोग और हरियाणा सरकार से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया आग्रह
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और हरियाणा सरकार से आग्रह किया है कि इस गंभीर मामले को संज्ञान में लें और सिमडेगा की इस लड़की को इसके परिवार के पास लाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करें।
बच्ची को लाने कल हरियाणा जाएगी एंटी ह्यूमन ट्रैफकिंग टीम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद सिमडेगा के उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस मामले का संज्ञान ले लिया गया है।एंटी ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम बच्ची को रेस्क्यू कराने के लिए गुरुवार को प्रस्थान करेगी। बच्ची के यहां आने के बाद उसकी चिकित्सा, शिक्षा, पुनर्वास एवं अन्य योजनाओं का लाभ उसे त्वरित गति से उपलब्ध करा दिया जाएगा।
ह्यूमन ट्रैफिकिंग गैंग कैसे फसाते हैं यहां की लड़कियों को झारखंड में दो कस्तकारी कानून प्रचलित हैं।इसमें से एक कास्तकारी कानून सीएनटी में कुछ शर्तों को छोड़कर जमीन के स्वामित्व परिवर्तन पर रोक है, जबकि दूसरे कास्तकारी कानून एसपीटी में जमीन के हस्तांतरण पर कुछ अपवाद को छोड़कर जमीन के स्वामित्व परिवर्तन पूर्णरूपेण प्रतिबंध है।इस वजह से यहां ना तो ढंग का व्यवसाय पनपा और ना ही यहां उद्योग धंधे। पथरीली भूमि होने के कारण खेती भी यहां ज्यादा लाभप्रद नहीं है लिहाजा लोगों के पास पैसे की कमी है साथ ही यहां शिक्षा का भी अभाव है जिस कारण ह्यूमन ट्रैफिकिंग गैंग के लोग इन्हें दिल्ली, गुरुग्राम, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में भरपूर कमाई का ख्वाब दिखाकर इन्हें अपने साथ ले जाकर उन शहरों में रईसजादों के हाथों में बेच दिया जाता है जहां इनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। इसके अलावा यहां फैशन शो डांस प्रतियोगिता जैसी कई कार्यक्रमों का आयोजन कर लड़कियों का चुनाव करते हैं और फिर उन्हें मुंबई दिल्ली जैसी जगहों में फिल्मों या सीरियलों में काम देने के बहाने यहां से ले जाते हैं, और फिर उन्हें वहां किसी रईसजादों के हाथों बेच दिया जाता है।

