उत्तराखंड में ‘जलप्रलय’! केदारनाथ में फटा बादल, बह गई सड़क; खाली कराए जा रहा गौरीकुंड-सोनप्रयाग

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उत्तराखंड में आसामान से बारिश आफत बनकर बरस रही है। मूसलाधार बारिश के बीच बदल फटने की घटना लगातार हो रही है। केदरानाथ क्षेत्र में भी बादल फटने से भारी तबाही हुई है। सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। वहीं, गौरीकुंड में हालत बेहद खराब है। प्रशासन की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। इस बीच मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तराखंड में भारी-बारिश की अलर्ट जारी किया है।

उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बारिश के कारण अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत की सूचना है। बादल फटने की घटना में कई लोग लापता हैं। केदारनाथ में एक बार फिर तबाही का मंजर देखने को मिला रहा है। केदारनाथ और टिहरी के नौताड़ में बादल फटने से मंदाकिनी नदी उफान पर है। गौरीकुंड में भारी बारिश के चलते गरम कुंड भी बह गया। कई लोगों की मौत की भी सूचना मिल रही है। चारधाम यात्रा भी रोक दी गई है।

केदारनाथ में बादल फटने से भारी तबाही
बादल फटने से उत्तराखंड में कई नदियां ऊफान पर हैं। पहाडों से गिर रहा मलबा अपने साथ कई घर, कारें, सड़कें बहाकर ले जा रही है। चार जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश से केदारनाथ मार्ग पर भीमबली चौकी के पास 20-25 मीटर का पैदल रास्ता बह जाने और रास्ते में बड़े-बड़े पत्थर आने से फंसे 200 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

केदारनाथ और यमुनोत्री में रोकी गई यात्रा
मौसम विज्ञान विभाग के भारी बारिश के अलर्ट के चलते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समीक्षा बैठक कर रहे हैं। सीएम हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सीएम धामी ने आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन से बात कर हालात की जानकारी ली। स्थिति को देखते हुए कंट्रोल रूम बनाया गया। रेस्क्यू के लिए NDRF और SDRF को लगाया गया है। पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने बताया कि केदारनाथ और यमुनोत्री पैदल रूट पर भारी बारिश के बाद यात्रा रोक दी गई है।

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