Bihar News: बिहार के कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। राज्य के उद्यान निदेशालय को मखाना वैल्यू चेन के विकास के लिए प्रतिष्ठित गोल्डन पीकॉक इनोवेटिव प्रोडक्ट/सर्विस अवॉर्ड-2026 से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान Institute of Directors (आईओडी) द्वारा दिया जाता है, जिसकी घोषणा 4 अप्रैल 2026 को की गई। इस पुरस्कार का चयन उदय यू. ललित की अध्यक्षता वाली जूरी ने किया।
मखाना बना ‘ब्रांड बिहार’ का नया चेहरा
बिहार देश का लगभग 85 प्रतिशत मखाना उत्पादन करता है और अब यह फसल राज्य की पहचान बनती जा रही है। उद्यान निदेशालय ने मखाना की पूरी वैल्यू चेन—उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात—को मजबूत कर एक नया मॉडल तैयार किया है।
इस प्रयास से न सिर्फ किसानों की आय बढ़ी है, बल्कि बिहार का मखाना अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक मजबूत ब्रांड के रूप में उभर रहा है।
कठोर मानकों पर खरा उतरकर मिला सम्मान
गोल्डन पीकॉक अवॉर्ड पाने के लिए उद्यान निदेशालय ने सभी सख्त मानकों को पूरा किया। निदेशक अभिषेक कुमार को इस उपलब्धि के लिए औपचारिक सूचना भेजी गई है।
आईओडी के डायरेक्टर जनरल डॉ. वी.के. अग्निहोत्री ने निदेशालय की टीम को बधाई देते हुए सस्टेनेबिलिटी और उत्कृष्ट कार्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
नई दिल्ली में होगा सम्मान समारोह
इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड की ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र जल्द ही नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किए जाएंगे। यह सम्मान बिहार सरकार द्वारा उद्यानिकी क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देता है।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने इस उपलब्धि पर कहा कि यह सम्मान किसानों की मेहनत, सरकार की नीतियों और टीमवर्क का परिणाम है। उन्होंने कहा कि “ब्रांड बिहार” के रूप में मखाना देश-विदेश में पहचान बना रहा है और सरकार उत्पादन से लेकर निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अन्य फसलों को भी मिलेगा बढ़ावा
मखाना की सफलता के बाद अब राज्य सरकार अन्य हॉर्टिकल्चर उत्पादों को भी इसी मॉडल पर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे बिहार के कृषि क्षेत्र को और मजबूती मिल सके।

