Bihar News: बिहार सरकार की बड़ी पहल! दिल में छेद वाले 28 बच्चों को मुफ्त इलाज के लिए भेजा गया अहमदाबाद

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Bihar News: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘बाल हृदय योजना’ राज्य के हजारों बच्चों और उनके परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बन चुकी है। जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को मुफ्त और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चल रही इस योजना के तहत अब तक 3028 बच्चों का सफल उपचार कराया जा चुका है।

इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग ने 99वें बैच के रूप में 28 बच्चों को निःशुल्क इलाज के लिए अहमदाबाद भेजा है। इन बच्चों का इलाज और सर्जरी श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?

निशांत ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी बच्चे का इलाज प्रभावित न हो। सरकार जरूरतमंद बच्चों को पूरी तरह मुफ्त और उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि ‘बाल हृदय योजना’ की शुरुआत 4 अप्रैल 2021 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा की गई थी। यह योजना ‘सात निश्चय-2’ के तहत शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग, विशेष रूप से दिल में छेद की समस्या से जूझ रहे 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना है।

अब तक 3028 बच्चों का सफल इलाज

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि योजना के तहत अब तक 3028 बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार कराया जा चुका है। इस योजना ने हजारों परिवारों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है।

उन्होंने कहा कि यह योजना गंभीर हृदय रोग से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

इन जिलों के बच्चे शामिल

99वें बैच में:

अररिया
अरवल
औरंगाबाद
दरभंगा
पूर्वी चंपारण
किशनगंज
लखीसराय
मुजफ्फरपुर
पटना
सारण
शिवहर
सुपौल
सहरसा
कैमूर

जिलों के बच्चे शामिल हैं। ये सभी बच्चे जन्मजात हृदय रोग, खासकर हृदय में छेद की समस्या से पीड़ित हैं।

कैसे होता है बच्चों का चयन?

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर और स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान की जाती है।

इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत जांच कर जरूरत के अनुसार बच्चों को आईजीआईसी, आईजीआईएमएस, मेदांता अस्पताल और श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में इलाज के लिए भेजा जाता है।

जरूरतमंद परिवारों के लिए बनी जीवनदायिनी योजना

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बाल हृदय योजना बिहार सरकार की संवेदनशील और जनहितकारी सोच का बड़ा उदाहरण है। इस योजना ने हजारों बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई है और उनके परिवारों को नई उम्मीद दी है।

उन्होंने बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि सरकार भविष्य में भी जरूरतमंद नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम करती रहेगी।

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