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पीएम फसल बीमा योजना देगी किसानों को सुरक्षा, 31 जुलाई से पहले करें आवेदन

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बीरेंद्र कुमार झा

आज भी हमारे देश में ज्यादातर लोगों का व्यवसाय खेती ही है। तकनीक के इतने विकास के बावजूद ज्यादातर किसान खेती के लिए वर्षा पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे में कई बार अचानक होने वाली भारी बारिश सूखा तूफान या किसी अन्य तरह की प्राकृतिक आपदा से फसलों के खराब होने का खतरा बना रहता है। इसका पूरा नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है।इन अनिश्चितताओं के कारण होने वाले नुकसान से किसानों को बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत की गई है, जो ऐसी स्थिति में प्रभावित किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

31 जुलाई है पंजीयन की आखिरी तारीख

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पंजीकरण की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। ऐसे में कृषि विभाग की तरफ से ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस योजना का लाभ उठाने की अपील की जा रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फसलों को जोखिम से बचाने के लिए फसल का बीमा होना बेहद जरूरी है।फसल को सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और पुनर्गठन मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS ) देश में खरीफ की फसल पर आने वाले जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करती है।

किसानों की देना पड़ता है कम प्रीमियम

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को कम प्रीमियम देना होता है। किसानों पर पड़ने वाली प्रीमियम की राशि का बड़ा भाग केंद्र और राज्य सरकार उठाती है। इस योजना का लाभ भारत के 22 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के किसान ले सकते हैं।

डीजी क्लेम से जल्द मिलेगा लाभ

फसल बीमा योजनाओं में दावे व मुआवजे की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सरल बनाने के लिए एक प्रौद्योगिकी आधारित डीजी क्लेम नाम की प्रणाली विकसित की गई है, जिसके तहत दावों के निपटारे और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया आसान हो गई है। इस प्रक्रिया से किसानों की फसल नुकसान का मुआवजा जल्दी मिलता है। इस प्रणाली की मदद से 1 दिन में किसानों को 1200करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

कम उपज पर भी मिलेगा क्लेम

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को खेती बाड़ी में होने वाली तमाम बड़ी जोखिमों से बचाने के लिए व्यापक सुरक्षा मिलती है। इसमें बुआई पूर्व, मध्य की प्रतिकूलता ,स्थानीय आपदाएं, ऊपज आधारित क्षति और मौसम आधारित क्षति जैसी आपदाएं शामिल है। यह बहुआयामी योजना पूरे फसल चक्र के दौरान किसानों को एक सुरक्षा कवच प्रदान करती है।

कैसे मिलेगा बीमा का क्लेम

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्लेम लेने के लिए किसानों को सबसे पहले 72 घंटे के भीतर कृषि विभाग को फसल खराब होने की जानकारी देनी होती है।इसके बाद आवेदन करना होता है। फॉर्म में फसल खराब होने का कारण,कौन सी फसल बोई गई थी ,कितने क्षेत्र में फसल बर्बाद हुई है इन सब बातों का ब्यौरा देना होता है ।उन्हें जमीन से संबंधित जानकारी भी देनी होती है।इसके अलावा बीमा पॉलिसी की फोटोकॉपी की जरूरत होती है।

आवेदन करने के कुछ दिनों के बाद बीमा कंपनी के प्रतिनिधि और कृषि विभाग के कर्मचारी क्षेत्र का निरीक्षण का नुकसान का आकलन करते हैं और सब कुछ सही पाए जाने पर किसान के बैंक के अकाउंट में बीमा का क्लेम डाल दिया जाता है।

पंजीकरण के समय इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत

किसान फसल बीमा कराने के लिए बीमा प्रस्ताव पत्र ,भू अधिकार पुस्तिका की फोटोकॉपी, बुवाई का प्रमाण पत्र (संबंधित पटवारी अथवा पंचायत सचिव सेप्राप्त किया हुआ), आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड ,आदि में से कोई एक एवं बैंक पासबुक की फोटो कॉपी की जरूरत पार्टी है।

विभिन्न माध्यमों से करवाया जा सकता है पंजीकरण

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आधिकारिक वेबसाइट (pmfby.gov.in) पर पंजीकरण किया जा सकता है। गौरतलब है कि पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2023 है। किसान कॉल सेंटर किसान (1551) की भी मदद की जा सकती है।क्रेडिट कार्ड वाले किसान अपने बैंक के ब्रांच से भी पंजीयन करवा सकते हैं । इसके अलावा जन सेवा केंद्र या फिर अपने जिला के कृषि अधिकारी से जानकारी प्राप्त करके योजना के अंतर्गत पंजीकरण करवाया जा सकता है

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