पटना (बीरेंद्र कुमार): बिहार इन दिनों देशभर में अवैध रूप से बनाए गए हथियार की बिक्री के लिए कुख्यात हो गया है। अंग्रेजों के बंगाल विजय में मुख्य भूमिका निभाने वाले मीरजाफर के बाद जब अंग्रेजों ने उनके दामाद मीर कासिम को बंगाल का नवाब बनाया तो अंग्रेजों के चंगुल से बचकर स्वतंत्र होने के इरादे से 1760 में मुंगेर आकर बस गए।
अंग्रेजों से संभावित युद्ध का आकलन कर अपनी सैन्य क्षमता में वृद्धि में करने के लिए उसने मुंगेर में कुछ कारीगरों से कट्टा यानि छोटा बंदूक बनवाना शुरू कर दिया। मीरकासिम की सेना के साथ ही अवध के नवाब शाह आलम की सेना को परास्त करने के बाद अंग्रेजों ने भी मीर कासिम के उस बंदूक कारखाने को अपने अधीन कर बंदूक बनाने का काम जारी रखा जो आजतक चल रहा है। वर्षों पुराने समय से मुंगेर में बंदूक बनाने का कारखाना होने के कारण बहुत सारे लोग जो यहां से सेवानिवृत्त हुए या फिर जिन्हें बीच में ही छटनी का शिकार होना पड़ा,उन लोगों ने अब जगह जगह पर मिनी गन फैक्ट्री खोल ली है या कई लोगों को बंदूक बनाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस प्रकार बिहार के बड़े क्षेत्र में चोरी-छिपे हथियार बनाकर पूरे देश में बेचने का धंधा शुरू हो।
अवैध आग्न्यास्त्र के धंधे में पकड़े न जाने की स्थिति में भारी कमाई को देखते बड़ी संख्या में बेरोजगार लोग इससे जुड़ते चले जा रहे हैं। अब तो अवैध आग्न्यास्त्र के ये धंधेबाज न सिर्फ बिहार में बल्कि झारखंड और बंगाल के दूरस्थ गांवों में जहां पुलिस की पहुंच थोड़ी कम है वहां किसी दूसरे धंधे की आड़ में मिनी गन फैक्ट्री स्थापित कर वहां बंदूक,राइफल,और पिस्तौल जैसे अवैध आग्न्यास्त्र बनाकर देश के विभिन्न हिस्सों में के जाकर बेचते हैं।
ससुर और दामाद मिलकर बनाते थे बंदूक और पिस्तौल
ताजा घटनाचक्र में बिहार में ऐसी ही एक मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने उद्भेदन किया है, जो बांका के रजौन थाना क्षेत्र के पुनसिया बस्ती में चलाया जा रहा था। यहां मजेदार बात यह थी कि इस मिनी गन फैक्ट्री का संचालन भागवत शर्मा और उसका दामाद हरदेव शर्मा मिलकर कर रहे थे। साथ ही इस मिनी गन फैक्ट्री में बनाए जाने हथियारों की बिक्री का काम भागवत शर्मा का बेटा कर रहा था।
गुप्त सूचना के आधार पर की छापेमारी
पुनसिया थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें पिता पुत्र और दामाद के रिश्तों को कलंकित कर अवैध हथियार के धंधेबाज इस तिकड़ी के काले कारनामे को लेकर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि, भागवत शर्मा अपने दामाद हरदेव शर्मा के साथ मिलकर अवैध अग्नियास्त्र बनाने का काम करते हैं और भागवत शर्मा का बेटा जितेंद्र शर्मा इसकी बिक्री का कारोबार करता है। इस गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम गठित किया और पुनसिया गांव के बेंगा टोला में पहुंचकर इसके घर की तलाशी लेना प्रारंभ किया। पुलिस को तलाशी लेते देखकर भागवत शर्मा और हरदेव शर्मा ने भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया।
मामले में दो गिरफ्तार,हथियार और बनाने का सामान बरामद
पुनसिया पुलिस ने छापेमारी के दौरान गंगा टोला निवासी भागवत शर्मा और उसके दामाद हरदेव शर्मा जो गोड्डा जिला के महागामा थाना के दरभंगा का रहने वाला है, को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही पुलिस ने इसके मिनी गन फैक्ट्री से एक देसी कट्टा, एक देसी मास्केट और अर्धनिर्मित लोहे की दोनाली बंदूक सहित हथियार बनाने के उपकरण, डाय, जमूरा, बटन, गिरमिट,धार तेज करने वाला पत्थर, रिंच, रंदा मशीन,और ड्रिल मशीन सहित कई तरह के उपकरण भी जप्त किए हैं। अग्नि अस्त्र के इस अ बूवैध धंधे में शामिल ससुर और दामाद को गिरफ्तार करने के बाद अब पुलिस इनसे पूछताछ कर बेटा जितेंद्र शर्मा को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है ।

