बीरेंद्र कुमार झा
बिहार की सियासत में इन दिनों महागठबंधन में खटपट जारी है। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर और एसीएस के के पाठक के विवाद को लेकर जेडीयू – आरजेडी के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच नीतीश सरकार के भवन मंत्री अशोक चौधरी और आरजेडी के एमएलसी सुनील सिंह के बीच भी जुबानी जंग देखने को मिल रही है।भवन मंत्री अशोक चौधरी के एक बूढ़े शेर की फोटो वाले फेसबुक पोस्ट ने इस तानातनी को और ज्यादा बढ़ा दिया है,
क्या है उस फेसबुक पोस्ट में
भवन मंत्री अशोक चौधरी ने अपने फेसबुक पोस्ट में एक बूढ़े शेर की फोटो पर कैप्शन देते हुए लिखा है कि जब तक आप हैं, विनम्र रहें। जिससे मिलें उसको आपकी मुस्कान याद रहे और जिससे मिलना हो उन्हें आपका इंतजार रहे।इसके बाद उन्होंने फोटो के नीचे लिखा है – ताकत,सत्ता और जवानी कुछ भी स्थाई नहीं,सभी की एक्सपायरी डेट होती है, विनम्र रहे।
बिना नाम खोले विपक्षी पर किया प्रहार
भवन मंत्री अशोक चौधरी की फेसबुक पोस्ट से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि यह पोस्ट उन्होंने किस संदर्भ में किया है, और बूढ़े शेर का उनका इशारा किसकी तरफ है। विनम्रता का संदेश देकर उनके द्वारा डैमेज कंट्रोल किया जा रहा है या फिर यह एक सियाशी तंज है।गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर और एसीएस के के पाठक विवाद पर आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह की प्रतिक्रिया को अशोक चौधरी ने महत्वहीन करार दिया था और कहा था कि वे सिर्फ आरजेडी नेता है, उनके बयान का कोई अर्थ नहीं है। लालू यादव और राबड़ी देवी क्या बोलते हैं यही अहम है।हम सुनील सिंह जैसे नेताओं के बयान को नोटिस भी नहीं करते हैं।
इसके बाद सुनील सिंह ने अशोक चौधरी पर निशाना साधा था और धमकी भरे लहजे में कहा था कि जिनके घर शीशे के होते हैं, वह दूसरे के घरों में पत्थर नहीं मारा करते हैं ।इसलिए व्यक्तिगत बयानबाजी से आप बचे रहें ।उन्होंने कहा कि यह बयान मैं आरजेडी के नेता की तरफ से नहीं बल्कि बिस्कोमान के चेयरमैन की हैसियत से दे रहा हूं।
बीते कुछ दिनों से बिहार में महागठबंधन के अंदर सियासी हलचल काफी तेज हो गई है।अब यह फेसबुक पोस्ट महागतबन्धन में क्या गुल खिलाएगा यह तो वक्त ही बताएगा, खासकर तब जबकि इस महागतबंधन पर ही मोदी विरोधी विपक्ष के ध्रुवीकरण का जिम्मा है।
