टीएमसी मंत्रियों के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, सुजीत और तापस राय के घर पहुंची ईडी

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हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल के शाहजहां शेख के घर पहुंची ईडी की टीम पर स्थानीय लोगों द्वारा हमला कर ईडी के अधिकारियों के सिर फोड़ देने की घटना के बावजूद पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई घटी नहीं है। कोर्ट से सुरक्षा मिलने के बाद अब वहां ईडी की छापेमारी और तेज हो गई है।इसी। क्रम में आज शुक्रवार को ईडी की टीम पश्चिम बंगाल के मंत्री और टीएमसी नेता सुजीत बोस और तापस राय की कोलकाता स्थित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पश्चिम बंगाल में कथित शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के दौरान ईडी लगातार कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में तलाशी और जब्ती कर रही है।

क्या है बंगाल का शिक्षक भर्ती घोटाला मामला

पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती मामला काफी लंबे समय से चला रहा है। ईडी सूत्रों की मानें,तो शिक्षक भर्ती मामले में करोड़ों की धांधली की गई है। कई हजार अभ्यर्थी परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बावजूद अभी भी नौकरी के इंतजार में है,तो वहीं कई ऐसे लोग हैं ,जिन्होंने बिना परीक्षा दिए ही नौकरी ली है। बंगाल में शिक्षक भर्ती मामला धीरे-धीरे पर पेंचीदा होता जा रहा है । बंगाल की टीएमसी सरकार के कई बड़े मंत्रियों का नाम शिक्षक भर्ती मामले से जुड़ता चला जा रहा है ।केंद्रीय एजेंसियां फिलहाल शिक्षक भर्ती मामले की कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई है। इस मामले को लेकर ईडी और सीबीआई के द्वारा जांच की कार्रवाई जारी है, इसके बावजूद शिक्षक भर्ती मामले के मास्टरमाइंड के राजनीतिक हैसियत को देखते हुए इन्हें गिरफ्तार कर पाना केंद्रीय एजेंसियों के लिए अभी भी बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है।

कैसे हुआ शिक्षक भर्ती घोटाले का खुलासा

दरअसल शिक्षक भर्ती घोटाले का खुलासा राज्य सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में भी नियुक्तियों में करोड़ों का घोटाला बिचौलियों के जरिए होने की बात सामने आने से शुरू हुई थी, जो अवैध तरीके से नौकरी प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को घोटाले की मास्टरमाइंड को जोड़ने वाली कड़ी बनी।इस बात का उल्लेख घोटाले में धन शोधन पहलू की जांच कर रहे ईडी की चार्जसीट में है। असल में सोमेन नंदी बनाम पश्चिम बंगाल सरकार के एक मामले में 8 जून 2022 को कोलकाता हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने राज्य की में सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में सहायक शिक्षकों के चयन में कथित अनियमितता के आरोप में उत्तर 24 परगना के शिक्षक भर्ती घोटाले में बिचौलिया की भूमिका निभाने के आरोपी चंदन मंडल उर्फ रंजन और पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कुछ पदाधिकारी के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज की।इसके बाद 24 जून को मामले की जांच में जुटी ईडी ने बैंकशाल कोर्ट स्थित स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में दाखिल किए गए अपने 172 पन्नों के आरोप पत्र में प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पदाधिकारी के साथ चंदन मंडल के सांठ- गांठ के बारे में बताया, जिसके तहत प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की अवैध नियुक्ति के लिए काफी रुपए लिए गए थे।ईडी की चार्ज सीट में यह कहा गया था कि और अपात्र उम्मीदवारों को नौकरी दी गई है।

शिक्षक भर्ती मामले में कैसे हुई धांधली

शिक्षक पात्रता परीक्षा 2014 का आयोजन 11 अक्टूबर 2015 को हुआ था।इसमें सफल अभ्यर्थियों की पहली मेरिट लिस्ट बदलकर दूसरी लिस्ट जारी की गई और दूसरे मेरिट लिस्ट में अवैध रूप से और मनमानी ढंग से अपात्र उम्मीदवारों को भ्रष्ट तरीकों से नियुक्तियां दी गई।प्राथमिक स्कूलों में सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्ति पाने के लिए अपात्र उम्मीदवारों की लिस्ट भी ईडी के पास थी। ईडी के अनुसार शिक्षक पात्रता परीक्षा 2014 की प्राथमिक चयन प्रक्रिया में प्रश्न पत्र और उसके मूल्यांकन प्रक्रिया को संदिग्ध रूप से किया गया था, क्योंकि पात्र उम्मीदवारों को लिस्ट से बाहर करने के लिए ओएमआर शीट में बदलाव किया गया था।

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