प्रियंका गांधी और हिमंत विश्व सरमा को चुनाव आयोग ने भेजा शोकौज नोटिस

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बीरेंद्र कुमार झा
भारत निर्वाचन आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंदिर दर्शन यात्रा से संबंधित लिफाफा टिप्पणी को लेकर प्रियंका गांधी को गुरुवार को कारण बताओ नोटिस भेजा है।आयोग ने प्रियंका गांधी से 30 अक्टूबर की शाम तक नोटिस का जवाब देने के लिए कहा है।बीजेपी ने प्रियंका गांधी के खिलाफ शिकायत दी थी, जिसके एक दिन बाद आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा है। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को प्रियंका गांधी पर राजस्थान में चुनाव प्रचार के दौरान झूठे दावे करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी धार्मिक आस्था का उल्लेख करने का आरोप लगाया था और निर्वाचन आयोग से उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया था।

क्या थी बीजेपी की शिकायत

बीजेपी ने अपनी शिकायत में कहा है कि प्रियंका गांधी ने 20 अक्टूबर को दौसा में एक जनसभा में कहा था कि उन्होंने टीवी पर देखा है कि जब प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक मंदिर में दिए गए दान का एक लिफाफा खोला गया तो उसमें केवल ₹21 थे इसके उन्होंने बीजेपी पर राजनीति हमला करते हुए कहा कि बीजेपी जनता को लिफाफे दिखाती है, लेकिन चुनाव के बाद usमें कुछ नहीं मिलता है। बीजेपी ने अपनी शिकायत के समर्थन में उक्त टिप्पणी वाला एक वीडियो भी शामिल किया है।

शिकायत दर्ज करने के 1 दिन बाद नोटिस

भारत निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पिछले सप्ताह राज्य के एक मात्र मुस्लिम मंत्री मोहम्मद अकबर को निशाना बना कर टिप्पणियों की थी।कांग्रेस ने हिमंत विश्व सरमा के खिलाफ इसे लेकर बुधवार को शिकायत दर्ज कराई थी l,जिसके 1 दिन बाद आयोग ने गुरुवार को
असम के मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता हिमंत विश्व शर्मा को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। आयोग ने शर्मा को 30 अक्टूबर को शाम 5:00 बजे तक नोटिस का जवाब देने के लिए कहा है।

क्या है हेमंत विश्व सरमा का मामला

हिमंत विश्वा सरमा ने 18 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के अपने भाषण के दौरान अकबर पर निशाना साधते हुए कहा था कि यदि अकबर को नहीं हटाया गया तो माता कौशल्या की भूमि अपवित्र हो जाएगी।उन्होंने कहा था कि एक अकबर कहीं आता है तो 100 अकबर बुलाता है।अतः जितनी जल्दी हो सके उसे विदा करो, अन्यथा माता कौशल्या की भूमि अपवित्र हो जाएगी।माना जाता है कि भगवान श्री राम की मां कौशल्या आधुनिक समय की छत्तीसगढ़ की रहने वाली थी।

हिमंत विश्व सरमा ने धर्मांतरण समेत कई मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर भी हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि आए दिन छत्तीसगढ़ के हमारे प्रिय आदिवासियों को आए दिन धार्मिक परिवर्तन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और जब कोई उनके खिलाफ आवाज उठाता है, तो भूपेश बघेल जी कहते हैं कि हम धर्मनिरपेक्ष हैं । क्या हिंदुओं को पीटना ही आपकी धर्मनिरपेक्षता है? यह देश हिंदुओं का देश है और हिंदुओं का ही रहेगा। हमैं धर्मनिरपेक्षता मत सिखाए। हमें आपसे धर्मनिरपेक्षता सीखने की जरूरत नहीं है।

कांग्रेस ने कवर्धा से अपने उम्मीदवार अकबर के खिलाफ टिप्पणी के लिए बुधवार को हिमंत विश्व सरमा के विरुद्ध निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। पार्टी ने आरोप लगाया था कि सरमा के बयान में समाज के दो वर्गों को एक दूसरे के खिलाफ भड़काने की स्पष्ट मनसा थी। निर्वाचन आयोग ने नोटिस जारी करते हुए इन्हें चुनाव आचार संहिता के एक प्रावधान की याद दिलाई है,जिसमें कहा गया है कि कोई भी पार्टी या उम्मीदवार किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा जो मौजूदा मतभेदों को बढ़ा सकती हो, आपसी नफरत पैदा कर सकता हो या विभिन्न जातियों, समुदायों या धर्मों के आधार पर तनाव उत्पन्न कर सकता हो।

छत्तीसगढ़ के 90 सदस्ययीय विधानसभा के चुनाव के लिए 7 और 17 नवंबर को 2 चरणों में मतदान होगा।

 

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