रात 9 बजे के बाद खाते हैं खाना, दिल को हो सकता है बड़ा नुकसान

0
7

आज की बिजी और खराब लाइफस्टाइल में देर रात खाना खाना आम बात बन गई है।ऑफिस का काम, ट्रैफिक, मोबाइल और टीवी के बढ़ते यूज के कारण कई लोग रात 9 बजे के बाद ही डिनर कर पाते हैं। कुछ लोगों के लिए तो 10 से 11 बजे खाना खाना रोजमर्रा की आदत बन चुकी है।

यह आदत मामूली लग सकती है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि देर रात खाना खाने का असर सिर्फ पाचन तंत्र पर ही नहीं बल्कि दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है। ऐसे में बहुत देर से खाना खाने पर शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे लंबे समय में कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है।ऐसे में आइए जानते हैं कि रात 9 बजे के बाद खाना खाने से दिल को क्या नुकसान हो सकता है।

हमारे शरीर में एक नेचुरल 24 घंटे की बॉडी क्लॉक होती है, जिसे सर्कैडियन रिदम कहा जाता है। यही क्लॉक यह तय करती है कि शरीर कब जागेगा, कब सोएगा, कब हार्मोन रिलीज होंगे और भोजन को कैसे पचाया जाएगा।रात होने पर शरीर की एक्टिविटी धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।ब्लड प्रेशर नीचे आने लगता है और शरीर खुद को अगले दिन के लिए तैयार करता है, लेकिन अगर इस दौरान भारी खाना खा कर लिया जाए तो शरीर को आराम मिलने के बजाय अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि देर रात खाना खाने से पाचन तंत्र उस समय भी एक्टिव रहता है जब शरीर आराम की तैयारी कर रहा होता है।इससे शरीर का सामान्य संतुलन बिगड़ सकता है।रात में देर से खाना खाने से ब्लड प्रेशर लंबे समय तक ऊंचा रह सकता है। इसके अलावा शरीर में शुगर को कंट्रोल करने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। समय के साथ यह आदत हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज और हार्ट की बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकती है।
कुछ अध्ययनों में यह पाया गया है कि जो लोग रोजाना देर रात खाना खाते हैं, उनमें स्ट्रोक का खतरा ज्यादा हो सकता है। इसका एक कारण यह माना जाता है कि देर रात खाने से शरीर की बॉडी क्लॉक के काम करने में रुकावट आ सकती है और हार्ट से जुड़ी कई प्रक्रियाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, हालांकि सिर्फ एक-दो बार देर से खाना खाने से कोई बड़ा नुकसान नहीं होता है, लेकिन अगर यह रोज की आदत बन जाए तो जोखिम बढ़ सकता है।

देर रात खाना खाने का असर नींद पर भी पड़ता है। खाना खाने के तुरंत बाद सोने से एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स की समस्या हो सकती है। इसमें पेट का एसिड खाने की नली की तरफ आने लगता है, जिससे सीने में जलन और बेचैनी महसूस होती है, जब नींद बार-बार टूटती है या अच्छी नींद नहीं आती तो इसका सीधा असर दिल की सेहत पर पड़ सकता है। खराब नींद शरीर में सूजन बढ़ा सकती है और तनाव वाले हार्मोन्स का स्तर भी बढ़ा सकती है।

दिनभर काम करने के बाद रात का समय शरीर की मरम्मत और रिकवरी के लिए बेहद जरूरी होता है। इसी दौरान शरीर के कई जरूरी अंग खुद को रिचार्ज करते हैं।सोते समय ब्लड प्रेशर सामान्य रूप से कम हो जाता है, तनाव हार्मोन घटने लगते हैं और शरीर को आराम मिलता है, लेकिन अगर रात में भारी खाना खाया जाए तो शरीर को खाना पचाने के लिए अतिरिक्त एनर्जी लगानी पड़ती है, जिससे रिकवरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

कुछ लोगों के लिए देर रात खाना खाना ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। इनमें हाई ब्लड प्रेशर के मरीज, डायबिटीज से पीड़ित लोग, मोटापे से जूझ रहे लोग, हार्ट हेल्थ के जोखिम वाले व्यक्ति और कोलेस्ट्रॉल की समस्या वाले लोग शामिल हैं।इन लोगों को अपने डिनर के समय और खाने की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि रात का खाना शाम 7 से 8 बजे के बीच कर लेना चाहिए।इसके अलावा डिनर और सोने के समय के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतर होना चाहिए इससे खाने को पचने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है और नींद भी बेहतर आती है। रात का खाना हल्का और संतुलित रखना बेहतर माना जाता है। डिनर में ज्यादा तला-भुना, ज्यादा तेल वाला या बहुत ज्यादा मीठा खाना खाने से बचना चाहिए।रात के खाने में दाल और सब्जियां, सलाद, मल्टीग्रेन रोटी, हल्की खिचड़ी, सूप और दही शामिल कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here