Bihar News : बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत होने जा रही है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3 (2025-30)’ के तहत 1 जुलाई 2026 से राज्य के विभिन्न प्रखंडों में स्थापित 211 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। इसे बिहार में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में अब तक की सबसे बड़ी पहल माना जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंगलवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी, विश्वविद्यालयों के कुलपति और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
57 हजार से ज्यादा छात्रों ने दिखाई रुचि

सरकार की इस नई पहल को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-30 के लिए अब तक 57,421 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
सबसे अधिक आवेदन हिंदी विषय में 25,790 और इतिहास विषय में 17,105 मिले हैं। वहीं मुंगेर विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले नए महाविद्यालयों में सबसे ज्यादा 31,218 छात्रों ने आवेदन किया है।
छह विषयों से होगी पढ़ाई की शुरुआत
शुरुआती चरण में सभी नए डिग्री कॉलेजों में छह प्रमुख विषयों की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इनमें—
हिन्दी
अंग्रेजी
अर्थशास्त्र
इतिहास
राजनीति विज्ञान
समाजशास्त्र
शामिल हैं।
सभी संस्थानों का नाम संबंधित प्रखंड के नाम के साथ ‘राजकीय डिग्री महाविद्यालय’ रखा गया है।

करोड़ों रुपये की मंजूरी, तेजी से चल रही तैयारियां
- राज्य सरकार ने कॉलेजों के संचालन के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता जारी की है।
- प्रत्येक कॉलेज को शैक्षणिक संसाधनों, फर्नीचर, उपकरण और स्टेशनरी की खरीद के लिए 30 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
- भवन मरम्मत, रंग-रोगन और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए प्रति कॉलेज 20 लाख रुपये जिलों को उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्य सचिव का सख्त निर्देश, गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को 30 जून तक निम्नलिखित सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है—
- बिजली और पेयजल की व्यवस्था
- शौचालय एवं स्वच्छता सुविधाएं
- ब्लैकबोर्ड, डेस्क-बेंच और कंप्यूटर
- वाटर कूलर और अन्य आवश्यक संसाधन
- जल-जमाव की आशंका वाले क्षेत्रों में विशेष प्रबंध
हर कॉलेज की निगरानी करेंगे ADM
सरकार ने प्रत्येक कॉलेज की निगरानी के लिए एक-एक अपर समाहर्ता (ADM) को जिम्मेदारी सौंपी है। ADM के नेतृत्व में जिला स्तरीय क्रय एवं क्रियान्वयन समिति बनाई जाएगी, जो सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी और स्थानीय स्तर पर त्वरित निर्णय लेगी।
छात्राओं के लिए चलेगी Pink Bus
महिला शिक्षा और सुरक्षित आवागमन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने विशेष Pink Bus Service का विस्तार करने का निर्णय लिया है। 1 जुलाई को कॉलेजों के शुभारंभ के साथ ही कई क्षेत्रों में छात्राओं के लिए विशेष परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
पहले दिन होगा ‘प्रवेश उत्सव’
सरकार ने नए कॉलेजों के उद्घाटन को यादगार बनाने के लिए पहले दिन सभी संस्थानों में ‘प्रवेश उत्सव’ आयोजित करने का फैसला लिया है। इस कार्यक्रम के जरिए नए विद्यार्थियों का स्वागत किया जाएगा और उन्हें कॉलेज की सुविधाओं से परिचित कराया जाएगा।

स्थायी परिसरों के लिए जमीन तलाशने का निर्देश
सरकार ने जिला प्रशासन को कॉलेजों के स्थायी भवनों के लिए जमीन चिह्नित करने का भी निर्देश दिया है।
- शहरी क्षेत्रों में कम से कम 2.5 एकड़ भूमि
- ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 5 एकड़ भूमि
चिह्नित की जाएगी। यह भूमि विवाद-मुक्त, अतिक्रमण-मुक्त और बेहतर सड़क संपर्क वाली होनी चाहिए।
30 जून को होगी अंतिम समीक्षा
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि 30 जून 2026 को एक और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें सभी जिलों से ‘रेडिनेस सर्टिफिकेट’ लेकर तैयारियों का अंतिम आकलन किया जाएगा, ताकि 1 जुलाई से नए कॉलेजों में पढ़ाई बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।
बिहार सरकार की यह पहल न केवल उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लाखों युवाओं को अपने ही प्रखंड में स्नातक शिक्षा प्राप्त करने का मौका भी देगी।

