Homeदुनियामोरक्को में तबाही ही तबाही ,भूकंप से अब तक 650 लोगों की...

मोरक्को में तबाही ही तबाही ,भूकंप से अब तक 650 लोगों की जाने गई ,मृतकों की संख्या बढ़ सकती है 

Published on


न्यूज़ डेस्क 

उत्तरी अफ्रीका का मोरक्को शहर में आये भूकंप से तबाही का मंजर है। जो हालत हैं उसे देखकर ऐसा लग रहा है मानो जलजला पैदा हो।  चारो तरफ लाशें बीछी हुई है और बढ़ी संख्या में बड़ी -बड़ी इमारते जमींदोज हो गई है। जानकारी के मुताबिक अभी तक 650 से ज्यादा लाशें निकल चुकी है और माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोग अभी भी दबे हुए हैं। बता दें कि मोरक्को शहर में 6.8 तीब्रता वाला भूकंप आया है।  स्थानीय मीडिया के मुताबिक भूकंप के झटकों के कारण कई इमारतें जमीदोज हो गई है। मोरक्को मीडिया के मुताबिक इस भूकंप की चपेट में आने से अब तक 650 से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी है। मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।       
         उधर, भूकंप के बाद से बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य जारी है। सबसे ज्यादा नुकसान ऐतिहासिक शहर मराकेश में हुआ है। कई ऐतिहासिक इमारत जमींदोज हो गया है। यहां चारों तरह मातम पसरा हुआ है। मोरक्को के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जियोफिजिक्स के मुताबिक ये देश के इतिहास का अब तक सबसे तेज भूकंप है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जियोफिजिक्स के प्रमुख के मुताबिक शनिवार सुबह रिक्टर स्केल 6.8 की तीव्रता से आया ये भूकंप मोरक्को में पिछले 100 सालों में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है।
               बताया जा रहा है कि भूंकप का केंद्र मारकेश शहर से 75 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि बड़ी संख्या में इमारतें जमींदोज हो गई। वहीं, कई इमारतों के बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने की भी खबरें हैं।
              रिपोर्ट्स के मुताबिक मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिससे मौत का आकड़ा और बढ़ सकता है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, स्थानीय समय देर रात करीब 11:11 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस भूकंप का एपीसेंटर मारकेश से 71 किलोमीटर दूर 18.5 किलोमीटर की गहराई में था।
               आपको बता दें कि अफ्रीकी और यूरेशियाई प्लेटों के बीच स्थित होने के कारण मोरक्को के उत्तरी हिस्सों में भूकंप आते रहते हैं। साल 2004 में पूर्वोत्तर मोरक्को के अल होसेइमा में भूकंप में भारी जानमाल का नुकसान हुआ था। इसकी चपेट में आने से 600 से ज्यादा लोग मारे गए, जबकि 900 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

Latest articles

क्या भारत विरोधी बालेन शाह के PM बनने पर सुधरेंगे रिश्ते, नेपाल के लिए इंडिया क्यों जरूरी?

रैपर से राजनेता बने बालेन (बालेंद्र) शाह नेपाल के प्रधानमंत्री बनने की राह में...

दिल्ली हाईकोर्ट से अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को झटका

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार के...

एयरपोर्ट पर खो गया लगेज? Google बताएगा बैग की सही लोकेशन

फ्लाइट से ट्रैवल करते समय सबसे ज्यादा टेंशन तब होती है, जब एयरपोर्ट पर...

क्या नींद में सपना देखकर आप भी चलाते हैं हाथ-पैर? इसे ‘नॉर्मल’ समझकर न करें नजरअंदाज

नींद का समय शरीर के आराम करने और दिमाग के पूरे दिन की जानकारी...

More like this

क्या भारत विरोधी बालेन शाह के PM बनने पर सुधरेंगे रिश्ते, नेपाल के लिए इंडिया क्यों जरूरी?

रैपर से राजनेता बने बालेन (बालेंद्र) शाह नेपाल के प्रधानमंत्री बनने की राह में...

दिल्ली हाईकोर्ट से अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को झटका

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार के...

एयरपोर्ट पर खो गया लगेज? Google बताएगा बैग की सही लोकेशन

फ्लाइट से ट्रैवल करते समय सबसे ज्यादा टेंशन तब होती है, जब एयरपोर्ट पर...