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कर्नाटक चुनाव : कांग्रेस और जेडीएस की वंशवादी राजनीति पर ठहाका लगाती जनता 

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अखिलेश अखिल 

पिछली खबर में हमने बीजेपी की वंशवादी राजनीति की कहानी आपके सामने रखी थी। कर्नाटक में जिस तरह से बीजेपी ने वंशवादी राजनीति को आगे बढ़ाया है ,आज से पहले कभी देखा नहीं गया था। पहले दो चार मामले ही देखने को मिलते थे लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। बीजेपी भी वंशवादी राजनीति की पोषक बनती जा रही है। अब वह कोई दावा नहीं कर सकती। एक रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी ने इस बार कर्नाटक में 36 से ज्यादा ऐसे लोगों को मैदान में उतारा है जिनकी जड़ें वंशवाद से जुडी है।      
लेकिन राहुल गाँधी की उस राजनीति की भी पोल भी कर्नाटक में खुल गई जसमे वे हमेशा कहते रहे हैं कि एक परिवार से एक ही आदमी को टिकट मिल सकता है। हालांकि कांग्रेस ने कभी वंशवादी राजनीति को लेकर कभी हमला नहीं किया। वह तो सदा इसकी पोषक ही रही है।            
 कर्नाटक के मौजूदा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता सिद्धारमैया ने वरुणा विधानसभा सीट से अपने बेटे यतींद्र की जगह ली है। 2018 के विधानसभा चुनाव में सिद्धारमैया ने यह सीट अपने बेटे को दे दी थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे को चित्तपुर (एससी) सीट से टिकट मिला है। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार कनकपुरा विधानसभा क्षेत्र से मैदान में हैं। हालांकि, उनके भाई और बेंगलुरु ग्रामीण सांसद डीके सुरेश  ने कनकपुरा से ही नामांकन पत्र दाखिल किया। जानकारी के मुताबिक, शिवकुमार के नामांकन को अयोग्य घोषित किए जाने की स्थिति में कांग्रेस का यह एहतियाती कदम है।
         शमनूर शिवशंकरप्पा को दावणगेरे दक्षिण से टिकट दिया गया है, जबकि उनके बेटे एसएस मल्लिकार्जुन दावणगेरे उत्तर सीट से उम्मीदवार हैं। केएच मुनियप्पा देवनहल्ली (एससी) सीट से प्रत्याशी बनाए गए हैं, जबकि उनकी बेटी रूपकला एम. कोलार गोल्ड फील्ड-एससी सीट से चुनाव लड़ रही हैं।
         कर्नाटक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रामलिंगा रेड्डी बीटीएम लायुत से चुनाव लड़ रहे हैं और उनकी बेटी विधायक सौम्या रेड्डी को दोबारा जयनगर सीट से मैदान में उतारा गया है। एम कृष्णप्पा विजयनगर सीट से किस्मत आजमा रहे हैं जबकि उनके बेटे प्रियकृष्ण गोविंदराज नगर से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस की दिग्गज नेता और पूर्व राष्ट्रपति प्रत्याशी मार्गरेट अल्वा के बेटे निवेदित अल्वा को कुम्ता से टिकट मिला है।
       इसी तरह जेडीएस की भी कहानी है। वहाँ तो भाई भतीजावाद और भी ज्यादा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस प्रमुख एचडी देवेगौड़ा के परिवार के अधिकांश सदस्य राजनीति में है। उनके बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी चन्नापाटन सीट से चुनाव मैदान में हैं। कुमारस्वामी के बेटे निखिल को रामनगर सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया है।
         देवेगौड़ा के दूसरे बेटे और कुमारस्वामी के बड़े भाई एचडी रेवन्ना होलेनरसीपुरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। रेवन्ना फिलहाल होलेनरसीपुरा सीट से ही विधायक हैं। जीटी देवेगौड़ा चामुंडेश्वरी सीट से पार्टी के उम्मीदवार बनाए गए हैं, जबकि उनके बेटे हरीश गौड़ा को हुनसूर से चुनाव लड़ रहे हैं।  

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